Mamata Banerjee Strong Room: पश्चिम बंगाल में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर टीएमसी और बीजेपी के बीच विवाद गहरा गया है। ममता बनर्जी ने भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए सीसीटीवी निगरानी को पूरी तरह सक्रिय बताया।
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में दो चरणों का मतदान खत्म होने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधी रात अचानक कोलकाता के भवानीपुर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंच गई, जहां TMC ने बैलेट बॉक्स खोले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर आने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और जनता के वोट की सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव दिया और कहा कि या तो उम्मीदवार या उनका एजेंट 24 घंटे की निगरानी के लिए मौजूद रह सके।
‘ममता को स्ट्रॉन्ग रूम जाने से रोका’
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में केंद्रीय बलों ने उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश नहीं करने दिया। उन्होंने आगे कहा कि जब मैंने कहा कि मुझे जाने का अधिकार है। चुनाव नियमों के मुताबिक प्रत्याशियों को सीलबंद कक्ष के बाहर तक जाने की अनुमति है। तब मुझे जाने दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 4 मई को होने वाली मतगणना में अगर किसी तरह की गड़बड़ी की कोशिश हुई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
TMC ने लगाए ये आरोप
बता दें कि टीएमसी के मुताबिक, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के काउंटिंग सेंटर सखावत मेमोरियल स्कूल में रखे स्ट्रॉन्ग रूम में बैलेट बॉक्स खोले जाने का दावा किया गया। पार्टी ने एक वीडियो भी शेयर कर आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से बिना अधिकृत एजेंटों की मौजूदगी के बॉक्स खोले जा रहे हैं।
ममता ने भी जारी किया वीडियो
इससे पहले भी ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश जारी कर पार्टी कार्यकर्ताओं और एजेंटों से ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पर 24 घंटे नजर रखने की अपील की थी। टीएमसी ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बिना अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बॉक्स खोले जाने को बड़ा चुनावी घोटाला बताया है।
EC ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने साफ किया कि सीसीटीवी कैमरे बंद नहीं किए गए थे और सभी पार्टियों को लाइव फुटेज उपलब्ध कराया गया है।


