उत्तर प्रदेश विधान परिषद की खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों में से अब तक घोषित 10 के परिणामों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने चार सीटें जीती हैं। वाराणसी खंड स्नातक सीट पर मतगणना करीब 52 घंटे से जारी है, जहां सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, परिणाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
वाराणसी खंड स्नातक सीट से भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए परोक्ष रूप से अपनी हार स्वीकार करते हुए समर्थन देने वाले मतदाताओं का आभार जताया है। आधिकारिक परिणामों के अनुसार, मेरठ खंड स्नातक सीट से भाजपा के दिनेश कुमार गोयल, लखनऊ खंड शिक्षक सीट से भाजपा के उमेश द्विवेदी और वाराणसी खंड शिक्षक सीट से सपा के लाल बिहारी यादव विजयी रहे। आगरा खंड शिक्षक सीट से सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल, आगरा खंड स्नातक सीट से भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीट से सपा के डॉ. मानसिंह यादव ने जीत दर्ज की।
इसके अलावा, मेरठ खंड शिक्षक सीट से भाजपा के श्रीचंदर शर्मा, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक सीट से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट से भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी विजयी घोषित किए गए। लखनऊ खंड स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने जीत हासिल की। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें निर्वाचन प्रमाणपत्र भी सौंप दिया गया है।
इस तरह घोषित 10 परिणामों में भाजपा को छह और सपा को चार सीटें मिली हैं। वाराणसी खंड स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा करीब 17 हजार मतों से आगे चल रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने फेसबुक पर लिखा, “जनादेश को मैं पूर्ण विनम्रता एवं लोकतांत्रिक मर्यादा के साथ स्वीकार करता हूं।
यद्यपि इस चुनाव में हमें अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं हो सकी, तथापि आप सभी का स्नेह, सहयोग और विश्वास मेरे लिए सदैव अमूल्य रहेगा।”
उन्होंने कहा कि चुनाव में सफलता और असफलता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभिन्न अंग हैं, लेकिन जनसेवा का संकल्प किसी परिणाम का मोहताज नहीं होता। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की खंड शिक्षक एवं स्नातक श्रेणी की इन 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे शुरू हुई थी।

