लखनऊ, दो सितंबर उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय रहने के बीच 32 जिले इस वक्त बाढ से प्रभावित हैं। बुधवार को राज्य में वर्षाजनित हादसों में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गयी। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि अब तक 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और फिलहाल अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी समेत 22 जिलों में हालात खराब हैं।
बयान के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,528 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है तथा राहत कार्यों के लिए सैकड़ों नौकाएं, बाढ़ चौकियां और मेडिकल टीम तैनात की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को कुल 742 बाढ़ चौकियां, 452 नावें और मोटरबोट तथा 225 मेडिकल टीम काम कर रही थीं, जबकि 105 राहत शिविरों में 2,460 लोग रह रहे थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रतापगढ़ के नवाबगंज थानाक्षेत्र के छोटी कोठरिया गांव में लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर 18 महीने के प्रियांश की मौत हो गई।
अमरोहा के गजरौला में भारी बारिश के दौरान एक दुकान का छज्जा गिरने से शेरा (32) और सुरेश (55) मौत हो गयी। उपजिलाधिकारी शैलेश दुबे ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि वह छज्जा बारिश के कारण गिरा या अपनी जर्जर हालत की वजह से। चित्रकूट से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने पहाड़ी थानाक्षेत्र के चौरा गांव में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से फंसे करीब 150 लोगों को बचाया।
पीएसी की बाढ़-राहत प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन की मदद से मोटरबोट का इस्तेमाल किया और लोगों को भोजन, राहत सामग्री तथा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। बलिया उत्तर प्रदेश में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां गंगा और सरयू का जलस्तर बढ़ने से सदर, बैरिया एवं बांसडीह तहसीलों के गांवों और शहरी इलाकों में लगभग 20,500 लोग प्रभावित हुए हैं। बलिया जिला प्रशासन ने 6,500 राशन किट, 33,843 दवा किट और पके हुए भोजन के 83,092 पैकेट बांटे हैं।
पीलीभीत में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद शारदा, देओहा एवं खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बनबसा बैराज से शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा गया, जबकि नानक सागर बांध से देओहा नदी में 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने हालात सामान्य होने तक पहली से आठ कक्षाओं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।
खकरा नदी पर एक पुल पानी में डूब गया, जिससे लगभग 18 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में ‘अंडरग्राउंड केबल बॉक्स’ में बारिश का पानी घुसने के कारण 200 बिस्तरों वाले अस्पताल की मुख्य बिजली आपूर्ति 34 घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रही।
लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मोहना नदी के गिरजा बैराज एफ्लक्स बांध पर बाढ़ और कटान-रोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियरों को चौबीसों घंटे काम करने का निर्देश दिया और पानी में डूबे इलाके में मौजूद लगभग एक दर्जन घरों के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का आदेश दिया। इस बीच, गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग ने चार सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बेवजह यात्रा न करें, जर्जर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों या तारों से दूर रहें और खराब मौसम के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें।

