पत्तनमथिट्टा (केरलम), दो अक्टूबर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के संयोजक एवं कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश ने सत्तारूढ़ मोर्चे के भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद की खबरों को शुक्रवार को खारिज किया, लेकिन सहयोगी दलों से बिना परामर्श किए सरकारी फैसले लिए जाने पर आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को अंतिम रूप देने से पहले संयुक्त रूप से चर्चा की जानी चाहिए। प्रकाश की यह टिप्पणी एक संवाददाता सम्मेलन में दर्ज कराई गई उनकी उस शिकायत के एक दिन बाद आई है। उन्होंने कहा था कि महत्वपूर्ण फैसले बिना किसी परामर्श के लिए जा रहे हैं, यूडीएफ की बैठकें आयोजित नहीं की जा रही हैं और उन्हें मीडिया के माध्यम से महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के बारे में पता चल रहा है।
प्रकाश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यूडीएफ और कांग्रेस के बीच ऐसा कोई विवाद नहीं है, बिल्कुल भी कोई विवाद नहीं है।’’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्हें इस तरह की टिप्पणी करनी जरूरी थी और बृहस्पतिवार को कही गई अपनी बात के अलावा उनके पास कहने के लिए कोई खास बात नहीं है। यह आलोचना कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐसे मुद्दे उठाए जिन्हें पार्टी या यूडीएफ के मंचों पर उठाया जाना चाहिए था, इस पर प्रकाश ने कहा कि इस तरह की आलोचना अपरिहार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी कई आलोचनाएं होंगी।
आने वाले दिनों में जो भी आलोचनाएं सामने आएंगी, उनका जवाब समय आने पर दिया जा सकता है।’’
प्रकाश ने कहा कि उन्होंने यह बयान किसी से समर्थन मांगने के उद्देश्य से नहीं दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केवल अपने अनुभवों के आधार पर अपनी बात रखी।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह कांग्रेस आलाकमान के समक्ष अपनी चिंताओं को उठाएंगे, प्रकाश ने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। मंत्रियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध प्रदर्शनों के संबंध में प्रकाश ने आरोप लगाया कि माकपा इस समय भाजपा की ‘बी-टीम’ के रूप में काम कर रही है।

