भोजपुर में पूर्व मुखिया प्रेमा देवी के दिव्यांग पुत्र रितेश सिंह उर्फ भुअर सिंह की हत्या मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मकरध्वज यादव उर्फ रणवीर यादव और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी गड़हनी थाना क्षेत्र के लहरपा गांव के रहने वाले है। मुख्य आरोपी मकरध्वज यादव को झारखंड के सरायकेला से दबोचा गया, जबकि दूसरे आरोपी को स्थानीय स्तर पर गिरफ्तार किया गया। दोनों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल एक देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं, जिससे मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच के यह भी सामने आया है कि मकरध्वज यादव का आपराधिक इतिहास रहा है। पूर्व में भी गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। करीब तीन साल पहले मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह को गोली मारने की घटना में भी शामिल था। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुरानी रंजिश में वारदात की आशंका प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात को बाइक सवार तीन शूटरों ने अंजाम दिया था। इस हत्याकांड की कड़ियां पुराने विवाद से भी जुड़ती नजर आ रही हैं। करीब तीन साल पहले मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह को भी आरा में गोली मारी गई थी। उस मामले में चार आरोपी जेल भेजे गए थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य फिलहाल बाहर हैं। पुलिस की जांच की दिशा भी पुराने विवाद और आपसी रंजिश की ओर इशारा कर रही है। पत्नी के आवेदन पर केस दर्ज मृतक की पत्नी श्वेता सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से दो पर साजिश रचने और नौ पर गोली मारने का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, लहरपा गांव निवासी जितेंद्र यादव, मकरध्वज उर्फ रणवीर यादव, अंकित यादव, अमन महतो, नागेंद्र उर्फ छोटू यादव, संजय यादव, अजय यादव और मुखिया पुत्र आनंद राज समेत अन्य पर हत्या का आरोप है। हीरा लाल यादव और सुरेन्द्र राय पर साजिश रचने की बात कही गई है। भोजपुर में पूर्व मुखिया प्रेमा देवी के दिव्यांग पुत्र रितेश सिंह उर्फ भुअर सिंह की हत्या मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मकरध्वज यादव उर्फ रणवीर यादव और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी गड़हनी थाना क्षेत्र के लहरपा गांव के रहने वाले है। मुख्य आरोपी मकरध्वज यादव को झारखंड के सरायकेला से दबोचा गया, जबकि दूसरे आरोपी को स्थानीय स्तर पर गिरफ्तार किया गया। दोनों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल एक देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं, जिससे मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जांच के यह भी सामने आया है कि मकरध्वज यादव का आपराधिक इतिहास रहा है। पूर्व में भी गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। करीब तीन साल पहले मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह को गोली मारने की घटना में भी शामिल था। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुरानी रंजिश में वारदात की आशंका प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात को बाइक सवार तीन शूटरों ने अंजाम दिया था। इस हत्याकांड की कड़ियां पुराने विवाद से भी जुड़ती नजर आ रही हैं। करीब तीन साल पहले मृतक के बड़े भाई बबलू सिंह को भी आरा में गोली मारी गई थी। उस मामले में चार आरोपी जेल भेजे गए थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य फिलहाल बाहर हैं। पुलिस की जांच की दिशा भी पुराने विवाद और आपसी रंजिश की ओर इशारा कर रही है। पत्नी के आवेदन पर केस दर्ज मृतक की पत्नी श्वेता सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से दो पर साजिश रचने और नौ पर गोली मारने का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, लहरपा गांव निवासी जितेंद्र यादव, मकरध्वज उर्फ रणवीर यादव, अंकित यादव, अमन महतो, नागेंद्र उर्फ छोटू यादव, संजय यादव, अजय यादव और मुखिया पुत्र आनंद राज समेत अन्य पर हत्या का आरोप है। हीरा लाल यादव और सुरेन्द्र राय पर साजिश रचने की बात कही गई है।


