जमुई में उत्पाद विभाग के दो सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) और दो होमगार्ड जवानों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर एक व्यक्ति का अपहरण कर फिरौती मांगने का आरोप है। जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एएसआई सुजीत कुमार, एएसआई दिलीप कुमार, गृह रक्षक रविंद्र कुमार और गृह रक्षक गुलशन कुमार शामिल हैं। ये सभी उत्पाद विभाग में कार्यरत थे और नवादा जिले के पकरीबरावां कौवाकोल उत्पाद चेक पोस्ट पर तैनात थे। भाई को फोन कर 5 लाख मांगी फिरौती जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि 23 अप्रैल गुरुवार को रात करीब 9:30 बजे जमुई के नर्वदा गांव निवासी पिंटू कुमार ने इस संबंध में लिखित आवेदन दिया था। पिंटू कुमार ने बताया कि गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे उनके बड़े भाई संतोष कुमार अपनी गाड़ी से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। शाम 7:30 बजे संतोष कुमार ने अपने मोबाइल से पिंटू को सूचना दी कि उनका अपहरण कर लिया गया है। उन्हें छोड़ने के लिए पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। इस सूचना पर पिंटू कुमार अपने रिश्तेदार राहुल कुमार और चचेरे भाई मनीष के साथ दो लाख रुपए लेकर नवादा पहुंचे। उन्होंने पकरीबरावां उत्पाद थाना में क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपए भी दिए। जमुई पुलिस ने चारों को किया गिरफ्तार पुलिस जांच में चारों आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद जमुई पुलिस ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक क्रेटा कार और डेढ़ लाख रुपए भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने पुष्टि की कि संतोष कुमार से फिरौती के रूप में जबरन पैसे मांगने और उनकी कार छोड़ने के एवज में रिश्वत लेने की घटना में पकरीबरावां उत्पाद थाना के दो सहायक अवर निरीक्षक और दो होमगार्ड की संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई एसडीपीओ सदर सतीश सुमन ने शनिवार रात वीडियो जारी कर बताया कि फिरौती और अपहरण के गंभीर मामले में जमुई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंटू कुमार ने शिकायत दर्ज कराया था कि उनके बड़े भाई संतोष कुमार अपने कार से जमुई से प्रस्थान किए थे। उसके बाद बड़े भाई ने फोन कर सूचना दी कि किसी व्यक्ति ने उन्हें बंधक बना रखा है। फिरौती के रूप में 5 लाख मांग रहे है। पिंटू कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले में एसआईटी टीम गठन किया गया। जिसमे टाउन थाना अध्यक्ष, खैरा थाना अध्यक्ष, गरहीथाना अध्यक्ष समेत DIU की पुलिस टीम इस को शामिल किया गया। ASI के घर से डेढ़ लाख रुपए बरामद पुलिस ने जमुई और नवादा इलाके में छापेमारी करते हुए पीड़ित व्यक्ति का क्रेटा कार बरामद किया गया, साथ ही फिरौती की डेढ़ लाख रुपए पकरीबरामा एक्साइज थाना के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के आवास से बरामद किया गया। इस मामले में पकड़ीबरामा के दो असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर 2 होमगार्ड के जवान को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एएसआई सुजीत कुमार, एसआई दिलीप कुमार, होमगार्ड जवान रविंद्र कुमार होमगार्ड जवान गुलशन कुमार के रूप में हुई है। फिलहाल यह चारों पकड़ीबरमा उत्पाद थाना में पदस्थापित थे। हालांकि मीडिया से बातचीत के दौरान सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि शराब पीते हुए पकड़े जाने के कारण गलत अफवाह फैलाकर गिरफ्तारी की गई है। यहां तक कि गिरफ्तारी का समय भी गलत दर्ज किया गया है। जमुई में उत्पाद विभाग के दो सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) और दो होमगार्ड जवानों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर एक व्यक्ति का अपहरण कर फिरौती मांगने का आरोप है। जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एएसआई सुजीत कुमार, एएसआई दिलीप कुमार, गृह रक्षक रविंद्र कुमार और गृह रक्षक गुलशन कुमार शामिल हैं। ये सभी उत्पाद विभाग में कार्यरत थे और नवादा जिले के पकरीबरावां कौवाकोल उत्पाद चेक पोस्ट पर तैनात थे। भाई को फोन कर 5 लाख मांगी फिरौती जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि 23 अप्रैल गुरुवार को रात करीब 9:30 बजे जमुई के नर्वदा गांव निवासी पिंटू कुमार ने इस संबंध में लिखित आवेदन दिया था। पिंटू कुमार ने बताया कि गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे उनके बड़े भाई संतोष कुमार अपनी गाड़ी से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। शाम 7:30 बजे संतोष कुमार ने अपने मोबाइल से पिंटू को सूचना दी कि उनका अपहरण कर लिया गया है। उन्हें छोड़ने के लिए पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। इस सूचना पर पिंटू कुमार अपने रिश्तेदार राहुल कुमार और चचेरे भाई मनीष के साथ दो लाख रुपए लेकर नवादा पहुंचे। उन्होंने पकरीबरावां उत्पाद थाना में क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपए भी दिए। जमुई पुलिस ने चारों को किया गिरफ्तार पुलिस जांच में चारों आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद जमुई पुलिस ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक क्रेटा कार और डेढ़ लाख रुपए भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने पुष्टि की कि संतोष कुमार से फिरौती के रूप में जबरन पैसे मांगने और उनकी कार छोड़ने के एवज में रिश्वत लेने की घटना में पकरीबरावां उत्पाद थाना के दो सहायक अवर निरीक्षक और दो होमगार्ड की संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई एसडीपीओ सदर सतीश सुमन ने शनिवार रात वीडियो जारी कर बताया कि फिरौती और अपहरण के गंभीर मामले में जमुई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंटू कुमार ने शिकायत दर्ज कराया था कि उनके बड़े भाई संतोष कुमार अपने कार से जमुई से प्रस्थान किए थे। उसके बाद बड़े भाई ने फोन कर सूचना दी कि किसी व्यक्ति ने उन्हें बंधक बना रखा है। फिरौती के रूप में 5 लाख मांग रहे है। पिंटू कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले में एसआईटी टीम गठन किया गया। जिसमे टाउन थाना अध्यक्ष, खैरा थाना अध्यक्ष, गरहीथाना अध्यक्ष समेत DIU की पुलिस टीम इस को शामिल किया गया। ASI के घर से डेढ़ लाख रुपए बरामद पुलिस ने जमुई और नवादा इलाके में छापेमारी करते हुए पीड़ित व्यक्ति का क्रेटा कार बरामद किया गया, साथ ही फिरौती की डेढ़ लाख रुपए पकरीबरामा एक्साइज थाना के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के आवास से बरामद किया गया। इस मामले में पकड़ीबरामा के दो असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर 2 होमगार्ड के जवान को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एएसआई सुजीत कुमार, एसआई दिलीप कुमार, होमगार्ड जवान रविंद्र कुमार होमगार्ड जवान गुलशन कुमार के रूप में हुई है। फिलहाल यह चारों पकड़ीबरमा उत्पाद थाना में पदस्थापित थे। हालांकि मीडिया से बातचीत के दौरान सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि शराब पीते हुए पकड़े जाने के कारण गलत अफवाह फैलाकर गिरफ्तारी की गई है। यहां तक कि गिरफ्तारी का समय भी गलत दर्ज किया गया है।


