ट्विशा शर्मा का पति समर्थ सिंह फरारी में क्या कर रहा! पिता का बड़ा खुलासा

ट्विशा शर्मा का पति समर्थ सिंह फरारी में क्या कर रहा! पिता का बड़ा खुलासा

Twisha Sharma Husband Samarth Singh-भोपाल में फिल्म एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की डेथ मिस्ट्री और उलझती जा रही है। 12 मई को उनकी कोटरा में अपने ही घर में संदिग्ध मौत हो गई थी। एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के बाद देशभर में बवाल मच गया है। मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की रिटायर्ड जिला प्रधान न्यायाधीश एवं जिला उपभोक्ता फोरम बेंच की अध्यक्ष गिरीबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगा हैं। ट्विशा के परिजनों का कहना है कि यह दहेज हत्या का केस है जबकि ससुरालवालों ने कहा है कि बहू ने आत्महत्या की है। इस बीच फरार आरोपी पति समर्थ सिंह पर पिता नवनिधि शर्मा ने संगीन इल्जाम लगाए। उन्होंने कहा कि फरारी के दौरान भी आरोपी इस केस को प्रभावित करने की कोशिश में जुटा हुआ है। समर्थ सिंह अपने रसूख का बेजा इस्तेमाल कर रहा है। वह पहले मध्यप्रदेश सरकार का कानूनी सलाहकार रह चुका है और इस नाते बने संबंधों को भुनाने का पूरा प्रयास कर रहा है।

ट्विशा शर्मा का आरोपी पति समर्थ सिंह और पिता नवनिधि शर्मा दोनों ही हाईकोर्ट पहुंचे हैं। नवनिधि शर्मा ने जहां ट्विशा की सास पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कराने की याचिका लगाई है वहीं 30 हजार का इनामी आरोपी समर्थ अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचा है।

भोपाल पुलिस ने पति पर केस दर्ज किया है और वारदात के बाद से ही वह फरार है। भोपाल कोर्ट ने समर्थ सिंह की जमानत याचिका रद्द कर दी थी। अब वह जमानत के लिए हाईकोर्ट गया है जहां शुक्रवार को सुनवाई होगी। इधर हाईकोर्ट में नवनिधि शर्मा की याचिका 25 मई को सुनी जाएगी।

समर्थ सिंह, केस को अपने पक्ष में करने के लिए अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा

ट्विशा शर्मा की मौत के बाद एडवोकेट पति समर्थ सिंह आरोपों के घेरे में है। ट्विशा के मां-पिता, भाई बहन उसे अहंकारी और बदमिजाज बता रहे हैं। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा का कहना है कि फरारी के दौरान भी वह लगातार सक्रिय है। उनका आरोप है कि समर्थ सिंह, केस को अपने पक्ष में करने के लिए पुलिस व प्रशासन में बैठे अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

ट्विशा के परिजनों के अनुसार पति और सास का पुलिस व प्रशासन में खासा दखल है। समर्थ सिंह तो दो साल तक एमपी सरकार का लीगल एडवाइजर भी रह चुका है। वह जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक प्रदेश सरकार का कानूनी सलाहकार रहा है। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है!

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