ईरान को लेकर ट्रंप का दावा फुस्स, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने जारी किया नया संदेश

ईरान को लेकर ट्रंप का दावा फुस्स, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने जारी किया नया संदेश

ईरान इस समय बाहरी दबाव और अंदरूनी अफवाहों के बीच घिरा हुआ है, लेकिन देश के शीर्ष नेतृत्व का दावा है कि हालात इसके उलट हैं।

तेहरान से जो संदेश सामने आया है, वह साफ संकेत देता है कि सत्ता और जनता दोनों एकजुट हैं, जिससे विरोधियों की रणनीति पर असर पड़ रहा है।

‘दुश्मन में दरार’, खामेनेई का बड़ा दावा

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक संदेश जारी किया है। जिसमें कहा है कि देश के भीतर बनी एकजुटता ने विरोधियों को बड़ा झटका दिया है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि लोगों के बीच जिस तरह की एकता बनी है, उससे दुश्मन की रणनीति कमजोर हुई है और उनके अंदर ही दरार पैदा हो गई है।

एकजुटता को और मजबूत करने की अपील

खामेनेई ने सिर्फ तारीफ ही नहीं की, बल्कि लोगों से अपील भी की कि वे इस एकता को और मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि यह एकता यूं ही नहीं बनी है, बल्कि इसे बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उनका मानना है कि अगर ऐसा हुआ, तो देश और मजबूत होगा और विरोधी और कमजोर पड़ेंगे।

मीडिया और मनोवैज्ञानिक युद्ध पर भी निशाना

ईरानी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि दुश्मन देश सिर्फ सैन्य या आर्थिक दबाव ही नहीं बना रहे, बल्कि मीडिया के जरिए लोगों के दिमाग पर असर डालने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की ‘मनोवैज्ञानिक रणनीति’ का मकसद देश की एकता और सुरक्षा को कमजोर करना है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना होगा।

राष्ट्रपति का भी एकजुटता पर जोर

उधर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी इसी तरह का बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि देश के अंदर ‘कट्टरपंथी’ और ‘मध्यमार्गी’ जैसे कोई विभाजन नहीं हैं। उनके मुताबिक, सभी ईरानी एकजुट हैं और सर्वोच्च नेतृत्व के साथ खड़े हैं।

ट्रंप के दावे को किया खारिज

यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के राजनीतिक और सैन्य ढांचे में अंदरूनी मतभेद हैं। ईरानी नेतृत्व ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश पूरी तरह एकजुट है और बाहरी दबाव का मिलकर सामना कर रहा है।

बाहरी दबाव के बीच सख्त संदेश

ईरान इस समय अमेरिका, इजराइल और पश्चिमी देशों के दबाव का सामना कर रहा है। इसमें आर्थिक प्रतिबंध, सैन्य खतरे और प्रचार युद्ध शामिल हैं। ऐसे माहौल में शीर्ष नेतृत्व का यह बयान साफ संकेत देता है कि ईरान खुद को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है।

‘एक देश, एक रास्ता’ का नारा

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि ईरान एक देश, एक नेतृत्व और एक रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यही एकता देश को आगे ले जाएगी और किसी भी बाहरी चुनौती का जवाब देगी।

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