बिहार के कटिहार में आंगनवाड़ी सेविका प्रेमलता हेंब्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह बीमारी के बावजूद हाथ में सलाइन लेकर सेंटर पहुंचती नजर आ रही हैं।
बिहार के कटिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला लड़खड़ाते कदमों, चेहरे पर बीमारी की थकान और नसों में चढ़ रही ग्लूकोज की ड्रिप के साथ नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि नौकरी जाने के डर से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रेमलता हेंब्रम अपने पति के सहारे पंचायत स्थित सेंटर पहुंचीं, ताकि वह अपनी बीमारी का सबूत दे सकें। दरअसल, उनके अधिकारियों को उनकी तबीयत खराब होने पर विश्वास नहीं हो रहा था।
बीमारी साबित करने पहुंची आंगनवाड़ी सेविका
प्रेमलता हेंब्रम कटिहार जिले के सोहा मध्य भाग पंचायत के वार्ड संख्या 7 में आंगनवाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत हैं। पिछले कुछ दिनों से बीमार होने के कारण वह काम पर नहीं जा पा रही थीं और छुट्टी पर थीं। उनका इलाज घर पर ही चल रहा था, लेकिन अधिकारियों को उनकी बीमारी पर विश्वास नहीं हो रहा था। इसी बीच, बाल विकास परियोजना अधिकारी वीणा भारती सेंटर के निरीक्षण के लिए पहुंचीं और प्रेमलता को वहां गैर-हाज़िर पाया। इसके बाद उन्होंने निर्देश दिया कि प्रेमलता अपनी बीमारी का प्रमाण देने के बाद ही काम पर उपस्थित हों।
इस निर्देश के बाद आंगनवाड़ी सेविका प्रेमलता हेंब्रम लड़खड़ाते कदमों, चेहरे पर बीमारी की थकान और नसों में चढ़ती ग्लूकोज की ड्रिप के साथ अपनी बीमारी का सबूत देने पंचायत पहुंचीं। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सेविका को देख अधिकारी हैरान
हाथ में सलाइन की बोतल लेकर जब प्रेमलता पंचायत पहुंचीं, तो वहां मौजूद अधिकारी हैरान रह गए। इसके बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी वीणा भारती ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने बीमार सेविका की केवल तस्वीर लाने के लिए कहा था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।


