मधुबनी जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब ये विद्यालय दो पालियों में संचालित होंगे। यह व्यवस्था 27 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में बताया कि छात्र-शिक्षक अनुपात में असंतुलन और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण कई विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी। छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए प्रत्येक छात्र को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
द्वितीय पाली दोपहर 12:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक होगी नई समय-सारणी के अनुसार, प्रथम पाली सुबह 06:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगी, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के छात्र पढ़ेंगे। द्वितीय पाली दोपहर 12:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक होगी, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्र शामिल होंगे। दोनों पालियों के बीच सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे द्वितीय पाली के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। 21 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी विद्यालय प्रधानों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद, 22 से 24 अप्रैल 2026 तक शिक्षक-पालक बैठकें आयोजित कर अभिभावकों को नई प्रणाली की जानकारी दी जाएगी। 25 अप्रैल 2026 को विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित कर विभाग को भेजा जाएगा। अंततः, 27 अप्रैल 2026 से सभी चिन्हित विद्यालयों में दो पाली प्रणाली प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी। प्रधानाध्यापकों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी बिहार सरकार की सेवा वर्गीकरण नियमावली-2005 के तहत विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस पहल को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा और शिक्षकों को भी प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य करने में सुविधा होगी। उन्होंने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से इस व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। दिशा की बैठक आयोजित की गई वहीं मधुबनी में मंगलवार शाम जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। सांसद सह समिति अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में हुई इस बैठक में कृषि, स्वास्थ्य और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मिट्टी जांच के 19,600 नमूनों का शत-प्रतिशत विश्लेषण किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 11,798 नमूनों का लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध सभी नमूनों का विश्लेषण कर 11,798 मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को वितरित किए गए हैं। उन्होंने ‘आत्मा’ योजना के तहत प्रशिक्षण और परिभ्रमण के लक्ष्यों की भी जानकारी दी, जिसके तहत क्रमशः 19,320 और 3,465 किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। सभी 42 किसान गोष्ठियों का आयोजन भी पूरा कर लिया गया है। कृषि विभाग ने उर्वरक की निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रखंडों में लगातार छापेमारी की है। शिकायतों के आधार पर खरीफ 2025 में 3 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई और 13 की अनुज्ञप्ति रद्द की गई। रबी 2025-26 में भी 4 उर्वरक प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गई है। मधुबनी जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब ये विद्यालय दो पालियों में संचालित होंगे। यह व्यवस्था 27 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में बताया कि छात्र-शिक्षक अनुपात में असंतुलन और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण कई विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी। छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए प्रत्येक छात्र को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
द्वितीय पाली दोपहर 12:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक होगी नई समय-सारणी के अनुसार, प्रथम पाली सुबह 06:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगी, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के छात्र पढ़ेंगे। द्वितीय पाली दोपहर 12:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक होगी, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्र शामिल होंगे। दोनों पालियों के बीच सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे द्वितीय पाली के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। 21 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी विद्यालय प्रधानों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद, 22 से 24 अप्रैल 2026 तक शिक्षक-पालक बैठकें आयोजित कर अभिभावकों को नई प्रणाली की जानकारी दी जाएगी। 25 अप्रैल 2026 को विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित कर विभाग को भेजा जाएगा। अंततः, 27 अप्रैल 2026 से सभी चिन्हित विद्यालयों में दो पाली प्रणाली प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी। प्रधानाध्यापकों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी बिहार सरकार की सेवा वर्गीकरण नियमावली-2005 के तहत विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस पहल को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा और शिक्षकों को भी प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य करने में सुविधा होगी। उन्होंने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से इस व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। दिशा की बैठक आयोजित की गई वहीं मधुबनी में मंगलवार शाम जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। सांसद सह समिति अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में हुई इस बैठक में कृषि, स्वास्थ्य और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मिट्टी जांच के 19,600 नमूनों का शत-प्रतिशत विश्लेषण किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 11,798 नमूनों का लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध सभी नमूनों का विश्लेषण कर 11,798 मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को वितरित किए गए हैं। उन्होंने ‘आत्मा’ योजना के तहत प्रशिक्षण और परिभ्रमण के लक्ष्यों की भी जानकारी दी, जिसके तहत क्रमशः 19,320 और 3,465 किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। सभी 42 किसान गोष्ठियों का आयोजन भी पूरा कर लिया गया है। कृषि विभाग ने उर्वरक की निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रखंडों में लगातार छापेमारी की है। शिकायतों के आधार पर खरीफ 2025 में 3 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई और 13 की अनुज्ञप्ति रद्द की गई। रबी 2025-26 में भी 4 उर्वरक प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गई है।


