नवंबर 2023 के उस भयावह तिहरे हत्याकांड की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि मुख्य गवाह करण सिंह शेखावत के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। शेखावत ने जयपुर के मालवीय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि जेल में बंद आरोपी शिव प्रताप सिंह पिछले दो महीनों से उन्हें लगातार फोन कर धमका रहा है।
हैरानी और डर की बात यह है कि आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होते हुए भी शेखावत के घर की पल-पल की जानकारी रखता है। आरोपी फोन पर कहता है कि उसे पता है कि बच्चे घर में क्या कर रहे हैं या वे दुकान से क्या सामान लेने गए हैं। आरोपी की इस ‘डिजिटल निगरानी’ ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। आरोपी ने फोन पर साफ लहजे में कहा है कि मेरे से पंगा मत लो, वरना जैसे गीता देवी की बहू और बच्चों को मारा, वैसे ही तुम्हारे बच्चों को भी मार डालूंगा।
काम छूटा और दवाइयों के सहारे कट रही जिंदगी
इन लगातार मिल रही धमकियों का असर शेखावत के परिवार की मानसिक और आर्थिक स्थिति पर पड़ने लगा है। खौफ इतना ज्यादा है कि करण सिंह घर से बाहर काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी के हालात बन गए हैं। मानसिक तनाव के चलते शेखावत अब डिप्रेशन की दवाइयां लेने को मजबूर हो गए हैं।
उनकी पत्नी रितु कंवर ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वे हर पल अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कांपती रहती हैं। उन्हें डर है कि आरोपी पहले भी दो मासूम बच्चों की जान ले चुका है, इसलिए उसकी धमकियों को हल्का नहीं लिया जा सकता। परिवार अब दिन-रात एक ही डर में जी रहा है कि कहीं जेल से बाहर बैठा कोई गुर्गा उनके बच्चों को नुकसान न पहुँचा दे।
जेल प्रशासन और पुलिस पर सवाल
जेल के अंदर से मोबाइल और वाट्सऐप कॉल आना सीधे तौर पर जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करता है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है। रितु कंवर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके बच्चों को जरा सी भी खरोंच आती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस और जेल विभाग की होगी। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में आरोपी के पास जेल में मोबाइल पहुँचने के स्त्रोत का पता लगा पाती है या नहीं।


