PR Shreejesh Coaching Controversy: भारत को दो बार ओलंपिक मेडल दिलाने वाले पीआर श्रीजेश हॉकी इंडिया पर आरोप लगाया कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें कोचिंग पद से हटा दिया गया, जिसके बाद दिलीप तिर्की ने सफाई देते हुए पूरी स्थिति को साफ कर दिया।
Hockey India on PR Sreejesh: 13 मई की शाम को भारतीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने एक ट्वीट से सनसनी मचा दी। उन्होंने हॉकी इंडिया पर आरोप लगाया कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनसे उनका पद छीना जा रहा है। श्रीजेश को 17 महीने पहले भारतीय जूनियर टीम का मुख्य कोच बनाया गया था। लेकिन पांच बार टीम को पोडियम फिनिश दिलाने और जूनियर वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जिताने के बावजूद जब उन्हें कोचिंग पद से हटाया गया तो उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, हॉकी इंडिया ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
शानदार रहा कोचिंग करियर
टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम के ब्रॉन्ज मेडल जीतने में पीआर श्रीजेश ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था। हालांकि, उसके बाद उन्होंने संन्यास ले लिया। उनके प्रदर्शन को देखते हुए जल्द ही उन्हें जूनियर टीम का मुख्य कोच भी बना दिया गया। उनकी कोचिंग में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और डेढ़ साल के कार्यकाल में पांच बार पोडियम फिनिश किया।
श्रीजेश ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “लगता है कि मेरा कोचिंग करियर डेढ़ साल बाद खत्म हो गया है, जहां मैंने टीम को पांच बार पोडियम फिनिश करने में मदद की। मैंने सुना है कि खराब प्रदर्शन पर कोचिंग से हटाया जाता है, लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब विदेशी कोच की नियुक्ति के लिए मुझे हटाया जा रहा है।”
हालांकि, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि श्रीजेश को हटाया नहीं गया, बल्कि उनका कार्यकाल दिसंबर 2025 में ही खत्म हो गया था। इसके बाद चयन प्रक्रिया के लिए नोटिफिकेशन जारी किए गए थे और कुछ नाम चुने गए। नए कोच को चुनने के लिए जरूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है। दिलीप तिर्की ने यह भी बताया कि श्रीजेश को हटाया नहीं गया, बल्कि उन्हें भारत ‘ए’ टीम का कोच बनाने की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसके बाद हॉकी इंडिया ने उन्हें दोबारा पुनर्विचार करने का मौका दिया, लेकिन वह नहीं माने।
एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि श्रीजेश को सीनियर पुरुष टीम का गोलकीपिंग कोच बनने की भी पेशकश की गई थी। आपको बता दें कि पुरुष सीनियर टीम के मुख्य कोच दक्षिण अफ्रीका के क्रेग फुल्टन हैं, जबकि महिला टीम की मुख्य कोच नीदरलैंड की शोअर्ड मारिन हैं।
खेलमंत्री को याद दिलाई उनकी बात
श्रीजेश ने खेल मंत्री मनसुख मांडविया के एक बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि श्रीजेश जैसे कोचों की जरूरत 2036 ओलंपिक की तैयारी के लिए है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस समय चारों टीमों के लिए हॉकी इंडिया का भरोसा भारतीय कोचों की बजाय विदेशी कोचों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
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