एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI – Artificial Intelligence) का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। कई सेक्टर्स में एआई अब अहम हिस्सा बन गया है। लोग नौकरी से लेकर अपनी निजी ज़िंदगी में भी एआई का इस्तेमाल करते हैं। एआई तेज़ी से एडवांस हो रहा है और कई लोग तो इसका गलत कामों के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी बीच अब अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एआई के बारे में चेतावनी दी है।
‘किल स्विच’ है ज़रूरी, नहीं तो मानव अस्तित्व को खतरा
ट्रंप ने एआई की अनियंत्रित रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए एक ‘किल स्विच’ को ज़रूरी बताया है। ट्रंप का मानना है कि एआई जहां बैंकिंग जैसे क्षेत्रों को सुरक्षित और बेहतर बना सकता है, वहीं यह मानवता के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर सकता है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने एआई टेक्नोलॉजी पर सरकारी सुरक्षा उपाय लागू करने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि एआई हमारे नियंत्रण से बाहर न जाए। हालांकि उन्होंने इस ‘किल स्विच’ के स्वरूप और क्रियान्वयन पर फिलहाल कोई विस्तृत योजना साझा नहीं की है।
‘मायथोस’ ने बढ़ाई चिंता
ट्रंप की यह टिप्पणी एंथ्रोपिक के नए एआई मॉडल ‘मायथोस’ को लेकर एक्सपर्ट्स की चेतावनियों के बाद आई है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि मायथोस इतना पावरफुल है कि वो जटिल साइबर हमलों को अंजाम देकर बैंकिंग सेक्टर को ध्वस्त कर सकता है। यह मॉडल कथित तौर पर किसी भी सॉफ्टवेयर को हैक करने में सक्षम है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई की ‘हैक करने की शक्ति’ ने वैश्विक महाशक्तियों को डरा दिया है। ट्रंप का ‘किल स्विच’ का सुझाव सिर्फ एक सुरक्षा उपाय नहीं, बल्कि सिलिकॉन वैली की बेलगाम ताकत पर अमेरिका के नियंत्रण बनाए रखने की एक बड़ी कोशिश है।
बाज़ार में मची होड़
एंथ्रोपिक ने अपनी साख बचाने के लिए ऐप्पल और एमेज़ॉन जैसी 40 से ज़्यादा कंपनियों के साथ करार किया है, जिससे वो माइथोस के लॉन्च होने से पहले ही इसके अनुकूल अपनी सॉफ्टवेयर की सुरक्षा को दुरस्त कर लें। वहीं इसे टक्कर देने के लिए सैम ऑल्टमैन की कंपनी ओपनएआई ने भी ‘जीपीटी 5.4-साइबर’ लॉन्च करने की तैयारी कर ली है।


