शेखपुरा में LPG सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल की कमी नहीं:DM ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी, एवरेज बैकलॉग 2.99

शेखपुरा में LPG सिलेंडर, डीजल और पेट्रोल की कमी नहीं:DM ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी, एवरेज बैकलॉग 2.99

शेखपुरा में जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जिले में एलपीजी रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न होने की जानकारी दी है। उन्होंने शनिवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को बताया कि जिले में इन आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में तीन पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा संचालित 11 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 4856 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। जिले का औसत बैकलॉग 2.99 है, जिसे काफी अच्छा माना जा सकता है। 1922 गैस सिलेंडर जिले को उपलब्ध कराए गए उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दिनों 2098 गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया, जबकि कंपनियों द्वारा बाहर से 1922 गैस सिलेंडर जिले को उपलब्ध कराए गए। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर भी पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल मौजूद है। रसोई गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित ‘धाबा दल’ लगातार छापेमारी कर रहा है। इसके अतिरिक्त, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन नोडल संस्था के रूप में कार्य कर रही है और लोगों को प्रेरित कर रही है। तीन टेलीफोन नंबरों के साथ एक जिला नियंत्रण कक्ष भी संचालित गैस उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिले में तीन टेलीफोन नंबरों के साथ एक जिला नियंत्रण कक्ष भी संचालित है। जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से आम लोगों को शादी-विवाह जैसे आयोजनों के लिए वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी रसोइयों और कैटरर्स से वाणिज्यिक गैस के लिए पंजीकरण कराने का अनुरोध किया। तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन सभी के आवेदन पर 5 से 7 दिनों के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित करें। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे जिलाधिकारी ने बताया कि जिन परिवारों में शादी-विवाह है, उन्हें शादी के स्थान और उसमें शामिल होने वाले अतिथियों की संख्या के अनुसार रसोई गैस की खपत के बारे में पूरी जानकारी अनुमंडल कार्यालय में देनी होगी। जहां से आकलन करते हुए उन्हें उचित मात्रा में राशनिंग के तहत वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित सभी सरकारी संस्थानों हॉस्पिटल स्कूलों जीविका द्वारा संचालित रसोई घरों में आकलन कर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है उन्होंने गैस को लेकर किसी भी प्रकार से लोगों को भ्रामक सूचना से बचने की सलाह दी और बताया कि ऐसे भ्रामक सूचना फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन स्वतंत्र है। शेखपुरा में जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जिले में एलपीजी रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न होने की जानकारी दी है। उन्होंने शनिवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पत्रकारों को बताया कि जिले में इन आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में तीन पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा संचालित 11 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में 4856 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। जिले का औसत बैकलॉग 2.99 है, जिसे काफी अच्छा माना जा सकता है। 1922 गैस सिलेंडर जिले को उपलब्ध कराए गए उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दिनों 2098 गैस सिलेंडरों का वितरण किया गया, जबकि कंपनियों द्वारा बाहर से 1922 गैस सिलेंडर जिले को उपलब्ध कराए गए। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर भी पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल मौजूद है। रसोई गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित ‘धाबा दल’ लगातार छापेमारी कर रहा है। इसके अतिरिक्त, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन नोडल संस्था के रूप में कार्य कर रही है और लोगों को प्रेरित कर रही है। तीन टेलीफोन नंबरों के साथ एक जिला नियंत्रण कक्ष भी संचालित गैस उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिले में तीन टेलीफोन नंबरों के साथ एक जिला नियंत्रण कक्ष भी संचालित है। जिलाधिकारी ने मीडिया के माध्यम से आम लोगों को शादी-विवाह जैसे आयोजनों के लिए वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी रसोइयों और कैटरर्स से वाणिज्यिक गैस के लिए पंजीकरण कराने का अनुरोध किया। तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन सभी के आवेदन पर 5 से 7 दिनों के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित करें। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे जिलाधिकारी ने बताया कि जिन परिवारों में शादी-विवाह है, उन्हें शादी के स्थान और उसमें शामिल होने वाले अतिथियों की संख्या के अनुसार रसोई गैस की खपत के बारे में पूरी जानकारी अनुमंडल कार्यालय में देनी होगी। जहां से आकलन करते हुए उन्हें उचित मात्रा में राशनिंग के तहत वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित सभी सरकारी संस्थानों हॉस्पिटल स्कूलों जीविका द्वारा संचालित रसोई घरों में आकलन कर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है उन्होंने गैस को लेकर किसी भी प्रकार से लोगों को भ्रामक सूचना से बचने की सलाह दी और बताया कि ऐसे भ्रामक सूचना फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन स्वतंत्र है।  

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