जैविक कचरे के उठाव का दायरा बढ़ाया जाए-DM:बायोगैस प्लांट की प्रगति पर जताया संतोष, कहा-ग्रामीण घरों को स्वच्छ ईंधन से जोड़ें

जैविक कचरे के उठाव का दायरा बढ़ाया जाए-DM:बायोगैस प्लांट की प्रगति पर जताया संतोष, कहा-ग्रामीण घरों को स्वच्छ ईंधन से जोड़ें

शेखपुरा में गुरुवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जिले के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए शेखपुरा सदर प्रखंड का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने महसार पंचायत के मदारी ग्राम पहुंचकर ‘गोवर्धन योजना’ और ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। जिला जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा मदारी ग्राम में स्थापित बायोगैस प्लांट पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने इसकी कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने गैस उत्पादन की प्रक्रिया और ग्रामीणों को मिल रहे इसके लाभ की जानकारी ली। डीएम ने प्लांट की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण में तेजी लाई जाए और जैविक कचरे के उठाव का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि प्लांट अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि बायोगैस का लाभ ले रहे परिवारों की संख्या में वृद्धि की जाए और अधिक से अधिक ग्रामीण घरों को इस स्वच्छ ईंधन से जोड़ा जाए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मनरेगा योजना और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के समन्वय से निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का भी अवलोकन किया। उन्होंने सूखे और गीले कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था का जायजा लिया और पंचायत को स्वच्छ रखने में इसकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ डीडीसी संजय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, डीपीएम जीविका, स्थानीय मुखिया और वार्ड सदस्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। डीएम ने कहा कि गोवर्धन योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह ग्रामीणों को सस्ता और स्वच्छ ईंधन भी उपलब्ध कराती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मदारी ग्राम का यह मॉडल जिले की अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक बनेगा। शेखपुरा में गुरुवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जिले के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए शेखपुरा सदर प्रखंड का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने महसार पंचायत के मदारी ग्राम पहुंचकर ‘गोवर्धन योजना’ और ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया। जिला जल एवं स्वच्छता समिति द्वारा मदारी ग्राम में स्थापित बायोगैस प्लांट पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने इसकी कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने गैस उत्पादन की प्रक्रिया और ग्रामीणों को मिल रहे इसके लाभ की जानकारी ली। डीएम ने प्लांट की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण में तेजी लाई जाए और जैविक कचरे के उठाव का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि प्लांट अपनी पूरी क्षमता से कार्य कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि बायोगैस का लाभ ले रहे परिवारों की संख्या में वृद्धि की जाए और अधिक से अधिक ग्रामीण घरों को इस स्वच्छ ईंधन से जोड़ा जाए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मनरेगा योजना और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के समन्वय से निर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का भी अवलोकन किया। उन्होंने सूखे और गीले कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था का जायजा लिया और पंचायत को स्वच्छ रखने में इसकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ डीडीसी संजय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, डीपीएम जीविका, स्थानीय मुखिया और वार्ड सदस्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। डीएम ने कहा कि गोवर्धन योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह ग्रामीणों को सस्ता और स्वच्छ ईंधन भी उपलब्ध कराती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मदारी ग्राम का यह मॉडल जिले की अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक बनेगा।  

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