मुजफ्फरपुर नगर विधायक रंजन कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणी के मामले में रविवार को मिठनपुरा पुलिस ने आरोपी मुकुंद कुमार उर्फ मुकुंद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे नगर थाने पर लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पीआर बांड पर देर शाम छोड़ दिया गया। बेल पर छूटने के बाद मुकुंद ने कहा कि हमलोग भाजपा के समर्थक हैं। मोदी जी को वोट करते हैं। क्या है सोशल मीडिया पोस्ट विवाद और क्यों विधायक पर हुई FIR? सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी… समर्थकों के साथ मुकुंद के घर पहुंचे विधायक दिन 9 मई सुबह करीब 9 बजे- नगर विधायक रंजन कुमार अपने कुछ समर्थकों के साथ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आरोपी मुकुंद के घर मिलने पहुंचे। वहां दोनों पक्ष में झड़प हुई। विधायक ने आरोप लगाया कि वे बात करने पहुंचे तो उनके साथ वाले लोग ने हमला किया, जिसके बाद झड़प हुई। वहीं, आरोपी की पत्नी का कहना है कि विधायक आते ही मुकुंद पर थप्पड़ चला दिए। धक्का-मुक्की का वीडियो हुआ वायरल दिन 9 मई सुबह करीब 11 बजे- मुकुंद के घर पहुंचे विधायक और उनके समर्थकों का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। स्थानीय लोगों की ओर से बनाए वीडियो और मुकुंद के घर लगे CCTV का फुटेज तेजी से वायरल होने लगा। विधायक ने दो थानों में दर्ज कराई एफआईआर दिन 9 मई दोपहर करीब 1 बजे- नगर विधायक रंजन कुमार ने शहर के दो अलग-अलग थानों मिठनपुरा और सदर थाना में मुकुंद कुमार, ठाकुर दिव्य प्रकाश के खिलाफ छवि धूमिल करने और चरित्र हनन का केस किया। विधायक ने आरोप लगाया कि मुकुंद ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। मुकुंद ने धमकी देते हुए कहा कि वो पहले भी एके-47 मामले में जेल जा चुका है। उसे डर नहीं लगता। उसी एके-47 से सबको भून देगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक ने दी जानकारी दिन 9 मई शाम करीब 4 बजे- नगर विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। जिसमें विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों ने आरोपी को कई बार समझाया था कि इस तरह की पोस्ट न करें। लेकिन वह लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करता रहा। इसी सिलसिले में विधायक अपने समर्थकों और मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ आरोपी के घर पूछताछ करने पहुंचे थे। विधायक ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोगों ने उग्र होकर गाली-गलौज शुरू कर दी और उनके साथ गए लोगों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि वह पहले AK-47 रखने के मामले में जेल जा चुका है और दोबारा उसी हथियार से ‘भून देने’ की बात कही। इसके अलावा विधायक ने पताही जगन्नाथ निवासी ठाकुर दिव्य प्रकाश के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि वह पिछले एक साल से लगातार फेसबुक पर विधायक और विधानसभा क्षेत्र-94 का नाम लेकर भ्रामक पोस्ट कर रहा था। विधायक के अनुसार, चुनाव के दौरान भी कई पोस्ट किए गए, जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा। दूसरे पक्ष से आरोपी की पत्नी ने कराई एफआईआर दिन 9 मई देर रात 11 बजे- दूसरे पक्ष की ओर से भी नगर विधायक रंजन कुमार और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। मुकुंद कुमार की पत्नी पिंकी कुमारी ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि विधायक अपने दर्जनों समर्थकों के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की। आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध है। पिंकी कुमारी ने इसमें विधायक सहित 10 लोगों को नामजद किया, वहीं 50-60 अज्ञात पर केस दर्ज कराया। CCTV पर शुरू हुई राजनीति, तेजस्वी ने किया ट्वीट दिन 10 मई सुबह करीब 11 बजे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीसीटीवी वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘ये BJP का मुजफ्फरपुर का विधायक है, जो दो दर्जन गुर्गों के साथ आम आदमी के घर में घुसकर मारपीट करता है, तांडव मचाता है और कानून की धज्जियां उड़ाता है। जो इसकी नहीं सुनता उसका कुछ भी हो सकता है। क्या सरकार में इतनी हिम्मत है कि ऐसे विधायक पर कार्रवाई कर सके।’ सीएम में इतनी हिम्मत नहीं, क्योंकि वे पहले जाति देखेंगे, लेकिन पीड़ित पक्ष की सुनवाई नहीं होगी। आरोपी को पुलिस ने किया अरेस्ट दिन 10 मई दोपहर 1 बजे- मिठनपुरा पुलिस ने आरोपी मुकुंद कुमार उर्फ मुकुंद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे नगर थाने पर लाकर पूछताछ की गई। मुकुंद की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही उसकी पत्नी, परिजन और समर्थक नगर थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाकर लोगों को शांत कराया। एसएसपी ने दी पूरे मामले की जानकारी दिन 10 मई दोपहर 3 बजे- एसएसपी कांतश कुमार मिश्रा ने बताया कि नगर विधायक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि सोशल मीडिया पर बिना अनुमति विधायक को तस्वीर का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणी की जा रही थी। मामले में पूछताछ के लिए विधायक अपने सहयोगियों के साथ आरोपी के घर पहुंचे थे, जहां आरोपी पक्ष द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एसएसपी कतिश कुमार मिश्र ने बताया कि मुकुंद कुमार पर मिठन्पुरा, अहियापुर, बेला, गायघाट, नगर और मुशहरी थानों में करीब सात मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, उत्पाद अधिनियम और फर्जीवाड़ा के मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मुकुंद वर्ष 2017 के चर्चित ठेकेदार अतुल शाही हत्याकांड में भी आरोपी रह चुका है। मिठन्पुरा थाना के तत्कालीन केस में उसे अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था। देर शाम आरपी मुकुंद को पीआर बांड पर छोड़ा गया दिन 10 मई देर शाम- पुलिस ने आरोपी मुकुंद कुमार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पीआर बांड पर देर शाम छोड़ दिया गया। पत्नी के बयान पर विधायक समेत 10 नामजद और 50-60 अज्ञात पर केस मुकुंद की पत्नी पिंकी कुमारी ने भी मिठनपुरा थाने पहुंच कर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर विधायक रंजन कुमार अपने समर्थकों के साथ उनके घर पहुंचे और हंगामा करते हुए उनके पति के साथ मारपीट की। एफआईआर में नगर विधायक रंजन कुमार, उनके निजी सहायक आशीष श्रीवास्तव, सुदर्शन ठाकुर, अभिमन्यु तिवारी, उत्कर्ष दीक्षित, दीपू ठाकुर, विजय पांडेय, बिट्ट ठाकुर, डेनिस शाही और अमित सिंह समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा 50 से 60 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के आवेदन पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जेल में डालने की धमकी दी गई आरोपी की पत्नी पिंकी कुमारी ने बताया कि वो 9 मई की सुबह करीब 9 बजे स्नाना कर रही थी। इसी बीच आवाज आई। नीचे जाने पर देखा, नगर विधायक अपने समर्थकों के साथ उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि विधायक आने के साथ ही गाली-गलौज शुरू कर दिए। साथ ही उनके पति के साथ मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। कहा कि तुम्हे जेल में डलवा देंगे। पिंकी कुमार ने पुलिस से विधायक के गिरफ्तारी की मांग की। आरोपी मुकुंद बोला- मैं मोदी का सपोर्टर देर रात पीआर बांड पर पुलिस कस्टडी से छूटने के बाद आरोपी मुकुंद कुमार ने कहा कि न्यायालय पर भरोसा था। मेरा गुनाह नहीं था। मेरी विधायक जी से कोई दुश्मनी नहीं है। हमलोग भाजपा के समर्थक हैं। मोदी जी को वोट करते हैं। बाकि शहर की क्या स्थिति आप देख सकते हैं। इसी सब मुद्दे पर लिखते रहते हैं। कभी उनपर निजी आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। विधायक का आरोप गलत है। 9 मई की जानकारी देते हुए मुकुंद ने बताया कि सुबह 9 बजे विधायक जी अपने समर्थकों के साथ मेरे घर पहुंचे। आते ही बोले- तुम्हारा औकात कैसे हुआ, मेरे बारे में कुछ लिख रहे हो। इस पर मैंने कहा कि आप हमारे विधायक हैं तो आपके नहीं तो बंगाल के विधायक के बारे में लिखेंगे क्या? इसी पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। ये सब सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सिर्फ मेरे पर कार्रवाई ठीक नहीं, उन पर भी कार्रवाई होने चाहिए। मुजफ्फरपुर नगर विधायक रंजन कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणी के मामले में रविवार को मिठनपुरा पुलिस ने आरोपी मुकुंद कुमार उर्फ मुकुंद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे नगर थाने पर लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पीआर बांड पर देर शाम छोड़ दिया गया। बेल पर छूटने के बाद मुकुंद ने कहा कि हमलोग भाजपा के समर्थक हैं। मोदी जी को वोट करते हैं। क्या है सोशल मीडिया पोस्ट विवाद और क्यों विधायक पर हुई FIR? सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी… समर्थकों के साथ मुकुंद के घर पहुंचे विधायक दिन 9 मई सुबह करीब 9 बजे- नगर विधायक रंजन कुमार अपने कुछ समर्थकों के साथ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आरोपी मुकुंद के घर मिलने पहुंचे। वहां दोनों पक्ष में झड़प हुई। विधायक ने आरोप लगाया कि वे बात करने पहुंचे तो उनके साथ वाले लोग ने हमला किया, जिसके बाद झड़प हुई। वहीं, आरोपी की पत्नी का कहना है कि विधायक आते ही मुकुंद पर थप्पड़ चला दिए। धक्का-मुक्की का वीडियो हुआ वायरल दिन 9 मई सुबह करीब 11 बजे- मुकुंद के घर पहुंचे विधायक और उनके समर्थकों का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। स्थानीय लोगों की ओर से बनाए वीडियो और मुकुंद के घर लगे CCTV का फुटेज तेजी से वायरल होने लगा। विधायक ने दो थानों में दर्ज कराई एफआईआर दिन 9 मई दोपहर करीब 1 बजे- नगर विधायक रंजन कुमार ने शहर के दो अलग-अलग थानों मिठनपुरा और सदर थाना में मुकुंद कुमार, ठाकुर दिव्य प्रकाश के खिलाफ छवि धूमिल करने और चरित्र हनन का केस किया। विधायक ने आरोप लगाया कि मुकुंद ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। मुकुंद ने धमकी देते हुए कहा कि वो पहले भी एके-47 मामले में जेल जा चुका है। उसे डर नहीं लगता। उसी एके-47 से सबको भून देगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक ने दी जानकारी दिन 9 मई शाम करीब 4 बजे- नगर विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। जिसमें विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों ने आरोपी को कई बार समझाया था कि इस तरह की पोस्ट न करें। लेकिन वह लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करता रहा। इसी सिलसिले में विधायक अपने समर्थकों और मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ आरोपी के घर पूछताछ करने पहुंचे थे। विधायक ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोगों ने उग्र होकर गाली-गलौज शुरू कर दी और उनके साथ गए लोगों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि वह पहले AK-47 रखने के मामले में जेल जा चुका है और दोबारा उसी हथियार से ‘भून देने’ की बात कही। इसके अलावा विधायक ने पताही जगन्नाथ निवासी ठाकुर दिव्य प्रकाश के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि वह पिछले एक साल से लगातार फेसबुक पर विधायक और विधानसभा क्षेत्र-94 का नाम लेकर भ्रामक पोस्ट कर रहा था। विधायक के अनुसार, चुनाव के दौरान भी कई पोस्ट किए गए, जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा। दूसरे पक्ष से आरोपी की पत्नी ने कराई एफआईआर दिन 9 मई देर रात 11 बजे- दूसरे पक्ष की ओर से भी नगर विधायक रंजन कुमार और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। मुकुंद कुमार की पत्नी पिंकी कुमारी ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि विधायक अपने दर्जनों समर्थकों के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की। आवेदन में यह भी कहा गया है कि पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध है। पिंकी कुमारी ने इसमें विधायक सहित 10 लोगों को नामजद किया, वहीं 50-60 अज्ञात पर केस दर्ज कराया। CCTV पर शुरू हुई राजनीति, तेजस्वी ने किया ट्वीट दिन 10 मई सुबह करीब 11 बजे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीसीटीवी वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘ये BJP का मुजफ्फरपुर का विधायक है, जो दो दर्जन गुर्गों के साथ आम आदमी के घर में घुसकर मारपीट करता है, तांडव मचाता है और कानून की धज्जियां उड़ाता है। जो इसकी नहीं सुनता उसका कुछ भी हो सकता है। क्या सरकार में इतनी हिम्मत है कि ऐसे विधायक पर कार्रवाई कर सके।’ सीएम में इतनी हिम्मत नहीं, क्योंकि वे पहले जाति देखेंगे, लेकिन पीड़ित पक्ष की सुनवाई नहीं होगी। आरोपी को पुलिस ने किया अरेस्ट दिन 10 मई दोपहर 1 बजे- मिठनपुरा पुलिस ने आरोपी मुकुंद कुमार उर्फ मुकुंद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे नगर थाने पर लाकर पूछताछ की गई। मुकुंद की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही उसकी पत्नी, परिजन और समर्थक नगर थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाकर लोगों को शांत कराया। एसएसपी ने दी पूरे मामले की जानकारी दिन 10 मई दोपहर 3 बजे- एसएसपी कांतश कुमार मिश्रा ने बताया कि नगर विधायक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि सोशल मीडिया पर बिना अनुमति विधायक को तस्वीर का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणी की जा रही थी। मामले में पूछताछ के लिए विधायक अपने सहयोगियों के साथ आरोपी के घर पहुंचे थे, जहां आरोपी पक्ष द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एसएसपी कतिश कुमार मिश्र ने बताया कि मुकुंद कुमार पर मिठन्पुरा, अहियापुर, बेला, गायघाट, नगर और मुशहरी थानों में करीब सात मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, उत्पाद अधिनियम और फर्जीवाड़ा के मामले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मुकुंद वर्ष 2017 के चर्चित ठेकेदार अतुल शाही हत्याकांड में भी आरोपी रह चुका है। मिठन्पुरा थाना के तत्कालीन केस में उसे अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था। देर शाम आरपी मुकुंद को पीआर बांड पर छोड़ा गया दिन 10 मई देर शाम- पुलिस ने आरोपी मुकुंद कुमार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पीआर बांड पर देर शाम छोड़ दिया गया। पत्नी के बयान पर विधायक समेत 10 नामजद और 50-60 अज्ञात पर केस मुकुंद की पत्नी पिंकी कुमारी ने भी मिठनपुरा थाने पहुंच कर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर विधायक रंजन कुमार अपने समर्थकों के साथ उनके घर पहुंचे और हंगामा करते हुए उनके पति के साथ मारपीट की। एफआईआर में नगर विधायक रंजन कुमार, उनके निजी सहायक आशीष श्रीवास्तव, सुदर्शन ठाकुर, अभिमन्यु तिवारी, उत्कर्ष दीक्षित, दीपू ठाकुर, विजय पांडेय, बिट्ट ठाकुर, डेनिस शाही और अमित सिंह समेत 10 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा 50 से 60 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के आवेदन पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जेल में डालने की धमकी दी गई आरोपी की पत्नी पिंकी कुमारी ने बताया कि वो 9 मई की सुबह करीब 9 बजे स्नाना कर रही थी। इसी बीच आवाज आई। नीचे जाने पर देखा, नगर विधायक अपने समर्थकों के साथ उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि विधायक आने के साथ ही गाली-गलौज शुरू कर दिए। साथ ही उनके पति के साथ मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। कहा कि तुम्हे जेल में डलवा देंगे। पिंकी कुमार ने पुलिस से विधायक के गिरफ्तारी की मांग की। आरोपी मुकुंद बोला- मैं मोदी का सपोर्टर देर रात पीआर बांड पर पुलिस कस्टडी से छूटने के बाद आरोपी मुकुंद कुमार ने कहा कि न्यायालय पर भरोसा था। मेरा गुनाह नहीं था। मेरी विधायक जी से कोई दुश्मनी नहीं है। हमलोग भाजपा के समर्थक हैं। मोदी जी को वोट करते हैं। बाकि शहर की क्या स्थिति आप देख सकते हैं। इसी सब मुद्दे पर लिखते रहते हैं। कभी उनपर निजी आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। विधायक का आरोप गलत है। 9 मई की जानकारी देते हुए मुकुंद ने बताया कि सुबह 9 बजे विधायक जी अपने समर्थकों के साथ मेरे घर पहुंचे। आते ही बोले- तुम्हारा औकात कैसे हुआ, मेरे बारे में कुछ लिख रहे हो। इस पर मैंने कहा कि आप हमारे विधायक हैं तो आपके नहीं तो बंगाल के विधायक के बारे में लिखेंगे क्या? इसी पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। ये सब सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सिर्फ मेरे पर कार्रवाई ठीक नहीं, उन पर भी कार्रवाई होने चाहिए।


