कर्नाटक में सिद्धारमैया के हाथ से फिसल जाएगी मुख्यमंत्री की कुर्सी? अटकलों पर लग गया विराम, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताई सच्चाई

कर्नाटक में सिद्धारमैया के हाथ से फिसल जाएगी मुख्यमंत्री की कुर्सी? अटकलों पर लग गया विराम, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताई सच्चाई

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के 3 साल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही तीव्र अटकलों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विराम लगा दिया है। गुरुवार को कलबुरगी में पत्रकारों से बातचीत में खड़गे ने साफ कहा कि अभी मुख्यमंत्री नहीं बदला जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अभी सिद्धारमैया अपने पद पर बने रहेंगे। खड़गे ने कहा कि अभी राज्य में मुख्यमंत्री नहीं बदला जाएगा और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान को जल्द सुलझा लिया जाएगा।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने अटकलों पर लगाया विराम

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अभी सिद्धारमैया को बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हालांकि, उन्होंने पूरी तरह से नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को खारिज भी नहीं किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी में किसी भी तरह का नेतृत्व परिवर्तन संबंधी फैसला लेने से पहले राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा जरूरी होगी। उन्होंने कहा- ऐसा कोई भी फैसला लेने में अभी समय है। सही समय आने दीजिए, तब सभी मिलकर चर्चा करेंगे।

कर्नाटक के गृहमंत्री के बयान ने बढ़ाई हलचल

खड़गे की यह टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय में आई है, जब 4 मई को 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों और कर्नाटक की 2 विधानसभा सीटों के उपचुनावों के नतीजे आने वाले हैं। इन चुनावी नतीजों का कर्नाटक कांग्रेस पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कर्नाटक के गृहमंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर ने बुधवार को एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री बनते हैं तो पार्टी में सभी इसका स्वागत करेंगे।

परमेश्वर के इस बयान ने अटकलों को और हवा दी थी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आंतरिक कलह को खत्म करने और सरकार की छवि सुधारने के लिए इस मुद्दे को जल्द सुलझाना चाहती है। खड़गे के बयान से साफ है कि फिलहाल पार्टी सिद्धारमैया के नेतृत्व में ही चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है, लेकिन भविष्य में बदलाव की गुंजाइश को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। यह बयान कर्नाटक कांग्रेस में चल रहे आंतरिक तनाव को थोड़ा शांत करने वाला माना जा रहा है, हालांकि पार्टी के अंदर सत्ता की दौड़ अभी भी जारी है।

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