Terrorists : इजरायली रक्षा बलों को दक्षिणी सीमावर्ती इलाकों में एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के खतरनाक हथियारों का एक विशाल जखीरा बरामद किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सीधे तौर पर इजरायली सैनिकों पर जानलेवा हमले करना था। सेना की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई के दौरान फॉरवर्ड डिफेंस लाइन के दक्षिण में दो हथियारबंद आतंककारियों को भी मार गिराया गया है। यह एनकाउंटर उस समय हुआ जब ये चरमपंथी इजरायली बलों के लिए तत्काल और गंभीर खतरा बन गए थे।
भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और युद्ध सामग्री बरामद
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि आतंकियों के पास से तबाही का पूरा सामान मिला है। सेना के अनुसार, बरामद हथियारों की सूची में कलाश्निकोव राइफलें, भारी मशीन गन, एंटी-टैंक मिसाइलें, मैगजीन और बड़ी मात्रा में अन्य युद्धक उपकरण शामिल हैं। इजरायली सेना के अरबी मीडिया प्रवक्ता अविचाय अद्रेई ने स्पष्ट किया कि इजरायल अपने नागरिकों और जवानों को सुरक्षित रखने के लिए सीमा रेखा के पास लगातार अपने खोजी और आक्रामक अभियान चला रहा है।
हवाई हमलों में 70 से ज्यादा इमारतें जमींदोज
जमीनी कार्रवाई के साथ-साथ इजरायल ने हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं। सप्ताहांत के दौरान, इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हिजबुल्लाह से जुड़े कई अहम ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक की। इस सैन्य कार्रवाई में आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लगभग 70 इमारतों और 50 से अधिक बुनियादी ढांचों को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया गया है। नष्ट किए गए ठिकानों में हिजबुल्लाह के कमांड मुख्यालय, हथियारों के गुप्त गोदाम और वे स्थान शामिल हैं जहां से इजरायल के खिलाफ भविष्य की साजिशें बुनी जा रही थीं।
शांति प्रयासों को लगा झटका: नेतन्याहू की सख्त चेतावनी
इस पूरे सैन्य संघर्ष के बीच हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने किसी भी तरह की सीधी कूटनीतिक बातचीत से साफ तौर पर इनकार कर दिया है और अपना सशस्त्र प्रतिरोध जारी रखने की घोषणा की है। दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ तौर पर कह दिया है कि हिजबुल्लाह लेबनान में हालिया संघर्ष विराम व्यवस्था को जानबूझ कर कमजोर कर रहा है। नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि उत्तरी सीमा पर अपनी संप्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इजरायल को पूरी ताकत से जवाब देना जारी रखेगा। गौरतलब है कि यह सैन्य हलचल ऐसे संवेदनशील समय में बढ़ी है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति स्थापना के लिए सीजफायर तीन सप्ताह और बढ़ाने का ऐलान किया था।
सीमा पार से एक बड़े और सुनियोजित हमले की तैयारी
इजरायल की इस कार्रवाई पर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आईडीएफ की यह स्ट्राइक हिजबुल्लाह का मनोबल तोड़ने वाली है। हथियारों की बरामदगी यह साबित करती है कि सीमा पार से एक बड़े और सुनियोजित हमले की तैयारी की जा रही थी। इजरायली सेना अभी भी लेबनान के दक्षिणी इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस जब्ती के बाद हिजबुल्लाह कोई जवाबी कार्रवाई करता है या नहीं। अमेरिकी प्रशासन इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है।
सीजफायर की शर्तों के उल्लंघन से और भड़क सकता है क्षेत्रीय तनाव
इस पूरे विवाद का एक बड़ा पहलू कूटनीतिक विफलता भी है। लेबनान सरकार की कमजोर पकड़ और हिजबुल्लाह का बातचीत से इनकार करना मध्य पूर्व में शांति के किसी भी स्थायी विकल्प को धूमिल कर रहा है। सीजफायर की शर्तों के लगातार उल्लंघन से क्षेत्रीय तनाव और भड़क सकता है। (इनपुट: ANI)



DISCOVERED: Dozens of Hezbollah weapons intended for terror activity against IDF soldiers.