बीपीएससी TRE-4 को लेकर बिहार में बवाल लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क पर उतरे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, परीक्षा की मांग कर रहे युवाओं का आक्रोश और अब विपक्ष के हमलों ने इस मुद्दे को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर युवाओं के साथ “अन्याय और विश्वासघात” करने का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा कि, ‘सरकार की नीयत ही TRE-4 की वैकेंसी निकालने की नहीं है। इसलिए महीनों बाद भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।’ युवाओं की मांग पर लाठियां क्यों? तेजस्वी यादव ने X पर पोस्ट कर कहा कि बिहार के युवा वही मांग रहे हैं, जिसका वादा NDA ने चुनाव से पहले किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि TRE-4 परीक्षा की मांग करना अपराध कैसे हो गया? पेपर लीक का विरोध उन्होंने कहा कि यदि सरकार को पुलिस बल का इतना ही इस्तेमाल करना है तो भ्रष्टाचार और अपराध रोकने में करे, न कि नौकरी मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज में। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि, बिहार में बार-बार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ TRE-4 निकालने की सरकार की नीयत नहीं तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि, ‘मुख्यमंत्री और मंत्री रील्स बनाने में व्यस्त हैं, लेकिन युवाओं के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है।’ अपने कार्यकाल का भी किया जिक्र तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बिना पेपर लीक के सफलतापूर्वक TRE-1 और TRE-2 परीक्षा कराई थी। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जबकि करीब 1 लाख 30 हजार पदों पर बहाली प्रक्रिया चल रही थी। NDA नेताओं के शहजादों को मंत्री पद तेजस्वी ने NDA पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि, ‘चुनाव बीत गए, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बदल गए, पूरा मंत्रिमंडल बदल गया, लेकिन TRE-4 की वैकेंसी नहीं आई।’ उन्होंने आरोप लगाया कि NDA नेताओं के “शहजादों” को बिना चुनाव लड़े मंत्री पद दे दिए गए, लेकिन युवाओं को नौकरी नहीं दी जा रही। अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी बता दें कि TRE-4 को लेकर बिहार में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र संगठन और अभ्यर्थी लंबे समय से चौथे चरण की शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर पटना समेत कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं। बीपीएससी TRE-4 को लेकर बिहार में बवाल लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क पर उतरे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, परीक्षा की मांग कर रहे युवाओं का आक्रोश और अब विपक्ष के हमलों ने इस मुद्दे को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर युवाओं के साथ “अन्याय और विश्वासघात” करने का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा कि, ‘सरकार की नीयत ही TRE-4 की वैकेंसी निकालने की नहीं है। इसलिए महीनों बाद भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।’ युवाओं की मांग पर लाठियां क्यों? तेजस्वी यादव ने X पर पोस्ट कर कहा कि बिहार के युवा वही मांग रहे हैं, जिसका वादा NDA ने चुनाव से पहले किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि TRE-4 परीक्षा की मांग करना अपराध कैसे हो गया? पेपर लीक का विरोध उन्होंने कहा कि यदि सरकार को पुलिस बल का इतना ही इस्तेमाल करना है तो भ्रष्टाचार और अपराध रोकने में करे, न कि नौकरी मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज में। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि, बिहार में बार-बार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ TRE-4 निकालने की सरकार की नीयत नहीं तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि, ‘मुख्यमंत्री और मंत्री रील्स बनाने में व्यस्त हैं, लेकिन युवाओं के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है।’ अपने कार्यकाल का भी किया जिक्र तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बिना पेपर लीक के सफलतापूर्वक TRE-1 और TRE-2 परीक्षा कराई थी। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जबकि करीब 1 लाख 30 हजार पदों पर बहाली प्रक्रिया चल रही थी। NDA नेताओं के शहजादों को मंत्री पद तेजस्वी ने NDA पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि, ‘चुनाव बीत गए, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बदल गए, पूरा मंत्रिमंडल बदल गया, लेकिन TRE-4 की वैकेंसी नहीं आई।’ उन्होंने आरोप लगाया कि NDA नेताओं के “शहजादों” को बिना चुनाव लड़े मंत्री पद दे दिए गए, लेकिन युवाओं को नौकरी नहीं दी जा रही। अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी बता दें कि TRE-4 को लेकर बिहार में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र संगठन और अभ्यर्थी लंबे समय से चौथे चरण की शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं। इसी को लेकर पटना समेत कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए हैं।


