‘शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मिले राहत’:गयाजी में शिक्षा की गुणवत्ता पर विस अध्यक्ष ने की बैठक, कहा- शिक्षकों का पढ़ाई से ध्यान हटता

‘शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मिले राहत’:गयाजी में शिक्षा की गुणवत्ता पर विस अध्यक्ष ने की बैठक, कहा- शिक्षकों का पढ़ाई से ध्यान हटता

गया जिले की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में गया जिला अतिथि गृह सभागार में हुई। इसमें शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रोफेसर और अन्य शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया और शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता और विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। डॉ. प्रेम कुमार ने शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी और मतगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में अनावश्यक रूप से न लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि इससे शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई से हटता है और बच्चों के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परीक्षा में नकल रोकने को कहा प्रेम कुमार ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति करने, शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने की बात भी कही। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए, डॉ. प्रेम कुमार ने विश्वविद्यालयों में परीक्षा के दौरान कदाचार (नकल) पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली से ही छात्रों की वास्तविक क्षमता का सही मूल्यांकन संभव है। इसके अलावा गयाजी में एक “स्टडी सेंटर” स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जो जिले की पौराणिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विषयों पर शोध को प्रोत्साहित करेगा। बैठक में गया जी राजकीय लाइब्रेरी परिसर में एक अत्याधुनिक और पृथक लाइब्रेरी के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं मिल सकें।
समन्वित समिति का गठन इसके साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के समग्र विकास के लिए एक समन्वित समिति का गठन किया गया। इस समिति के अध्यक्ष स्वयं डॉ. प्रेम कुमार बनाए गए हैं। संयोजक के रूप में पूर्व कुलपति प्रोफेसर रंजीत कुमार वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सचिव के रूप में डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और डॉ. अवधेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। सदस्य के रूप में प्रोफेसर उपेंद्रनाथ वर्मा, प्रोफेसर मनोरंजन सिंह, प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, प्रोफेसर विकास मोहन सहाय तथा छात्र प्रतिनिधियों में विक्की शर्मा, विराज कुमार और विकास कुमार को शामिल किया गया है। बैठक में उपस्थित सभी शिक्षाविदों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए और सामूहिक प्रयासों के जरिए गया जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया। गया जिले की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में गया जिला अतिथि गृह सभागार में हुई। इसमें शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रोफेसर और अन्य शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया और शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता और विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। डॉ. प्रेम कुमार ने शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी और मतगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में अनावश्यक रूप से न लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि इससे शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई से हटता है और बच्चों के समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। परीक्षा में नकल रोकने को कहा प्रेम कुमार ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति करने, शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने की बात भी कही। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए, डॉ. प्रेम कुमार ने विश्वविद्यालयों में परीक्षा के दौरान कदाचार (नकल) पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली से ही छात्रों की वास्तविक क्षमता का सही मूल्यांकन संभव है। इसके अलावा गयाजी में एक “स्टडी सेंटर” स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जो जिले की पौराणिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व से जुड़े विषयों पर शोध को प्रोत्साहित करेगा। बैठक में गया जी राजकीय लाइब्रेरी परिसर में एक अत्याधुनिक और पृथक लाइब्रेरी के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं मिल सकें।
समन्वित समिति का गठन इसके साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के समग्र विकास के लिए एक समन्वित समिति का गठन किया गया। इस समिति के अध्यक्ष स्वयं डॉ. प्रेम कुमार बनाए गए हैं। संयोजक के रूप में पूर्व कुलपति प्रोफेसर रंजीत कुमार वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सचिव के रूप में डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और डॉ. अवधेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। सदस्य के रूप में प्रोफेसर उपेंद्रनाथ वर्मा, प्रोफेसर मनोरंजन सिंह, प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, प्रोफेसर विकास मोहन सहाय तथा छात्र प्रतिनिधियों में विक्की शर्मा, विराज कुमार और विकास कुमार को शामिल किया गया है। बैठक में उपस्थित सभी शिक्षाविदों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए और सामूहिक प्रयासों के जरिए गया जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने का संकल्प लिया।  

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