गंगापुल पर टेनरीकर्मी का शव मिला:सिर में गंभीर चोट, हत्या की आशंका; रेलिंग और डिवाइडर पर खून के छींटे मिलीं

गंगापुल पर टेनरीकर्मी का शव मिला:सिर में गंभीर चोट, हत्या की आशंका; रेलिंग और डिवाइडर पर खून के छींटे मिलीं

कानपुर के जाजमऊ गंगापुल पर शनिवार सुबह टेनरीकर्मी का रक्तरंजित शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। मृतक की पहचान मोहम्मद शाबिर (38) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से वैशाली, बिहार के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में उन्नाव के थाना गंगाघाट स्थित अखलाक नगर में किराए के मकान में अपनी पत्नी मुन्नी (32) और चार बच्चों- सुहैल (14), आलिया (9), यास्मीन (7) और अफसाना (3) के साथ रहते थे। शाबिर जाजमऊ स्थित एक जूता फैक्ट्री में काम करते थे। उनके बड़े भाई मोहम्मद आबिद ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे उनकी शाबिर से फोन पर बात हुई थी। 3 तस्वीरें देखिए- मोहम्मद आबिद ने बताया कि शनिवार सुबह उनके एक मित्र ने उन्हें सूचना दी कि शाबिर गंगापुल पर लहूलुहान अवस्था में पड़े हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, शाबिर का शव गंगापुल के पैदल ट्रैक पर मिला। उनके सिर में गहरे घाव के निशान थे। घटनास्थल से लगभग 4 मीटर दूर रेलिंग और डिवाइडर पर खून के छींटे भी मिले हैं, जिससे पुलिस को हत्या कर शव को यहां फेंके जाने की आशंका है। परिजनों का दावा है कि शाबिर का शव लगभग 12 घंटे तक गंगापुल पर पड़ा रहा। उनके अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे शाबिर से घर आने के लिए बात हुई थी, जिसके बाद वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने रात भर उनकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। शनिवार सुबह 9 बजे उन्हें घटना की जानकारी मिली। कानपुर के जाजमऊ गंगापुल पर शनिवार सुबह टेनरीकर्मी का रक्तरंजित शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। मृतक की पहचान मोहम्मद शाबिर (38) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से वैशाली, बिहार के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में उन्नाव के थाना गंगाघाट स्थित अखलाक नगर में किराए के मकान में अपनी पत्नी मुन्नी (32) और चार बच्चों- सुहैल (14), आलिया (9), यास्मीन (7) और अफसाना (3) के साथ रहते थे। शाबिर जाजमऊ स्थित एक जूता फैक्ट्री में काम करते थे। उनके बड़े भाई मोहम्मद आबिद ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे उनकी शाबिर से फोन पर बात हुई थी। 3 तस्वीरें देखिए- मोहम्मद आबिद ने बताया कि शनिवार सुबह उनके एक मित्र ने उन्हें सूचना दी कि शाबिर गंगापुल पर लहूलुहान अवस्था में पड़े हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, शाबिर का शव गंगापुल के पैदल ट्रैक पर मिला। उनके सिर में गहरे घाव के निशान थे। घटनास्थल से लगभग 4 मीटर दूर रेलिंग और डिवाइडर पर खून के छींटे भी मिले हैं, जिससे पुलिस को हत्या कर शव को यहां फेंके जाने की आशंका है। परिजनों का दावा है कि शाबिर का शव लगभग 12 घंटे तक गंगापुल पर पड़ा रहा। उनके अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे शाबिर से घर आने के लिए बात हुई थी, जिसके बाद वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने रात भर उनकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। शनिवार सुबह 9 बजे उन्हें घटना की जानकारी मिली।  

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