बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अंतरिम अध्यक्ष और पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने के फैसले को एक बड़ी प्रशासनिक चूक बताया है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में तमीम ने कहा कि पिछली सरकार और बोर्ड ने जिस तरह से इस मुद्दे को संभाला, वह सही नहीं था। 37 साल के पूर्व ओपनर इकबाल ने कहा कि BCCI और भारत के साथ अब उनके कोई मतभेद नहीं हैं और वे द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने BCCI के प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास को अपना पुराना दोस्त बताया। उन्होंने कहा- ‘मैंने मिथुन के साथ बहुत क्रिकेट खेला है। IPL में हम एक ही टीम में थे और वे ढाका लीग खेलने कई बार बांग्लादेश आए हैं। हमारे बीच बहुत अच्छा तालमेल है।’ कहा- वर्ल्ड कप से नाम वापस लेना गलत
तमीम ने वर्ल्ड कप से नाम वापस लेने के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “हमने 1996-97 में वर्ल्ड कप क्वालीफाई करने के लिए कितना संघर्ष किया था, मुझे आज भी याद है। बिना किसी ठोस बातचीत के वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से नाम वापस लेना गलत था। टीम में ऐसे कई खिलाड़ी होंगे जो शायद अब दोबारा कभी वर्ल्ड कप न खेल पाएं। सुरक्षा को लेकर कोई वास्तविक खतरा नहीं था, भारत में हमारे खिलाड़ियों का हमेशा स्वागत होता है।” तमीम की 5 बड़ी बातें भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून की मांग की
तमीम इकबाल ने खेल में भ्रष्टाचार और सट्टेबाजी (Betting) को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा- ‘मैंने खेल मंत्री और गृह मंत्री से बात की है। मैं चाहता हूं कि खेल में भ्रष्टाचार करने वालों के लिए 10 साल की जेल का कानून बने। खिलाड़ियों और बच्चों को यह समझ आना चाहिए कि अगर वे सट्टेबाजी या फिक्सिंग में शामिल होते हैं, तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। केवल बैन लगना काफी नहीं है।’ ———————————– तमीम इकबाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… तमीम इकबाल को भारतीय एजेंट कहने पर विवाद; बांग्लादेशी क्रिकेटर्स अपने ही बोर्ड पर भड़के बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के फाइनेंस डायरेक्टर के तमीम इकबाल को भारत का एजेंट कहने पर विवाद हो गया है। कप्तान नजमुल हसन शांतो, तस्कीन अहमद, पूर्व कप्तान मोमिनुल हक और स्पिनर ताइजुल इस्लाम जैसे कई क्रिकेटर्स ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। पढ़ें पूरी खबर


