सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के मरकज दरगाह आला हजरत से जुड़े मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के आठवें दो रोजा उर्स-ए-ताजुश्शरिया का आगाज शुक्रवार को अकीदत और एहतराम के साथ हुआ। बाद नमाज-ए-असर परचम कुशाई की रस्म अदा की गई, जिससे पूरा शहर “बस्ती बस्ती करिया करिया, ताजुश्शरिया ताजुश्शरिया” के नारों से सराबोर हो गया। उर्स की तमाम रस्में काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में संपन्न हो रही हैं। शानदार जुलूस और दस्तारबंदी
शाम को जमात रजा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की कयादत में दो भव्य परचमी जुलूस निकाले गए। पहला जुलूस शाहबाद और दूसरा आजमनगर से रवाना हुआ। रास्तों में अकीदतमंदों ने फूलों की बारिश कर जुलूस का इस्तकबाल किया। कुतुबखाना और बिहारीपुर ढाल होते हुए जुलूस दरगाह आला हजरत पहुंचा, जहां हाजिरी देने के बाद दरगाह ताजुश्शरिया पर सज्जादानशीन मुफ्ती असजद मियां ने अपने मुबारक हाथों से परचम कुशाई की रस्म अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। धार्मिक महफिल और मुफ्ती-ए-आजम हिंद का कुल
उर्स के पहले दिन सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रजा में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां देश-विदेश से आए उलेमा-ए-किराम, जिनमें मुहद्दिस-ए-कबीर जिया उल मुस्तफा और अन्य सज्जादागान शामिल रहे, उन्होंने ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली। रात 01:40 बजे सरकार मुफ्ती-ए-आजम हिंद के कुल की रस्म अदा की जाएगी। फातिहा और शिजरा ख्वानी के बाद मुफ्ती असजद मियां ने विशेष दुआ फरमाएंगे। मस्जिदों में जिक्र-ए-ताजुश्शरिया और ऑनलाइन प्रसारण
जुम्मे की नमाज के मौके पर बरेली शहर और देहात की मस्जिदों में इमामों ने हुजूर ताजुश्शरिया की शिक्षाओं पर चलने का आह्वान किया। वहीं, जो जायरीन बरेली नहीं पहुंच सके, उनके लिए आईटी सेल प्रभारी अतीक अहमद ने बताया कि उर्स की कार्यवाही का यूट्यूब और सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है। कल होगा उर्स का समापन
उर्स के दूसरे और अंतिम दिन यानी शनिवार को सुबह 07:10 बजे मुफस्सिर-ए-आजम हिंद के कुल की रस्म होगी। इसके बाद दोपहर में जामियातुर रजा में उलेमा के संबोधन होंगे। शाम को 07:14 मिनट पर मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के आठवें कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। व्यवस्थाओं में सलमान मियां, समरान खान और जमात रजा की पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है।


