Supreme Court में SIR मतदाता सूची मामले पर Rahul Gandhi व विपक्षी नेताओं की याचिका पर 15 अक्टूबर को सुनवाई

Supreme Court में SIR मतदाता सूची मामले पर Rahul Gandhi व विपक्षी नेताओं की याचिका पर 15 अक्टूबर को सुनवाई

उच्चतम न्यायालय कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेताओं की उस याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगा, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है। न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई 15 अक्टूबर की ‘वाद सूची’ के अनुसार, इस याचिका पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ सुनवाई करेगी। सोमवार को गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेता याचिका दायर करने के लिए उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे।

याचिका में उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में और तकनीकी विशेषज्ञों तथा अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों की सहायता से एक स्वतंत्र समिति के गठन का अनुरोध किया गया है, ताकि समयसीमा के भीतर एसआईआर के दौरान किए गए नाम विलोपनों और संशोधनों का स्वतंत्र ऑडिट किया जा सके। इस याचिका के अलावा, पीठ 10 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में होने वाले आंदोलन से पहले विरोध प्रदर्शनों, मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और ट्रेन सेवाओं में व्यवधान से संबंधित अलग-अलग याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। शहर में हाल में मतदाता सूचियों के एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी के इस्तीफे की मांग करते हुए कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

गांधी के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, राकांपा (शप) की नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत, भाकपा के डी. राजा और कुछ अन्य नेता भी इस याचिका में सह-याचिकाकर्ता हैं। याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कानून के अनुसार बिना नोटिस और सुनवाई का उचित मौका दिए किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए, और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पंजाब और अन्य राज्यों में, जहां चुनाव होने हैं, योग्य लोगों को कानून द्वारा तय आखिरी तारीख तक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की इजाजत दी जाए। याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को मामले में पक्षकार बनाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *