भिंड में अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपी अपाचे मोटरसाइकिल से पांच पिस्टल लेकर उन्हें बेचने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा था। आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की पांच पिस्टल और कारतूस बरामद हुए थे। न्यायालय ने आयुध अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए दोनों पर कुल 6-6 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। बेचने के लिए लेकर आए थे पांच पिस्टल अभियोजन के अनुसार, 21 जनवरी 2024 को सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल से निराला रंग बिहार में अवैध हथियार बेचने के लिए खड़े हैं। सूचना की तस्दीक के लिए उपनिरीक्षक सुधाकर सिंह तोमर को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। मोटरसाइकिल चला रहे आरोपी हसीना उर्फ रवि राजावत निवासी ग्राम पचेरा, थाना पावई, जिला भिंड की तलाशी में कमर से 32 बोर की एक लोडेड पिस्टल मिली। वहीं, पीछे बैठे धर्मेंद्र सिंह तोमर निवासी ग्राम रूअर, थाना अंबाह, जिला मुरैना के कब्जे से भी एक लोडेड पिस्टल मिली। उसके बैग की तलाशी लेने पर तीन अन्य पिस्टलें बरामद हुईं। इस तरह दोनों आरोपियों से कुल पांच पिस्टल जब्त की गईं। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। जांच के दौरान जब्त पिस्टलें चालू हालत में पाई गई थीं। प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक जेपी दीक्षित ने पैरवी की। अभियोजन के साक्षियों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने धारा 25(1-कक) के तहत दोनों आरोपियों को 10-10 साल के कारावास और 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड तथा धारा 25(1-ख-क) के तहत 2-2 साल के कारावास और 1-1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। जमानत पर चल रहे दोनों आरोपियों को फैसला सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।

