FIR नहीं हो रही, सुनेत्रा भाभी बोलिए… राज ठाकरे ने सरकार को घेरा, कहा- किस बात का है डर?

FIR नहीं हो रही, सुनेत्रा भाभी बोलिए… राज ठाकरे ने सरकार को घेरा, कहा- किस बात का है डर?

दिवंगत नेता अजित पवार के विमान हादसे की सीबीआई (CBI) जांच और संबंधित कंपनी पर मामला दर्ज करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है। एनसीपी (शरद पवार) विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर बारामती पुलिस स्टेशन में धरना दिया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद रोहित पवार ने आज मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की।

FIR दर्ज न होने पर गरमाई सियासत

मुलाकात के बाद राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद कई तरह के संदेह सामने आ रहे हैं। हादसा धुंध की वजह से हुआ या किसी अन्य कारण से, इस पर अलग अलग बातें सामने आई हैं। राज ठाकरे ने कहा कि रोहित पवार ने तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन अलग-अलग जगहों पर शिकायत देने की कोशिश के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कर रही। इससे संदेह पैदा होता है।

मनसे प्रमुख ने दावा किया कि मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में एक अधिकारी एफआईआर लिख रहे थे, लेकिन बाद में डीसीपी के कहने पर मामला नहीं दर्ज किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर परिवार शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो सरकार बाधा क्यों डाल रही है। जबकि सुनेत्रा पवार अब खुद उपमुख्यमंत्री के तौर पर सरकार में शामिल हैं। राज्य सरकार कहती है कि कहीं भी एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन जब शिकायत लेने से ही इनकार किया जाए तो संदेह पैदा होना स्वाभाविक है।

ब्लैक बॉक्स और जांच पर भी उठाये सवाल

राज ठाकरे ने यह भी कहा कि विमान हादसों में ब्लैक बॉक्स से अहम जानकारी मिलती है और वह पूरी तरह नष्ट नहीं होता। हादसा कितना भी भयानक हो, ब्लैक बॉक्स की जानकारी सुरक्षित रहती है। इसके बावजूद अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। सरकार मात्र संदेह का माहौल पैदा कर रही है।

उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार एफआईआर दर्ज होने से क्यों डर रही है। अगर एक विधायक की शिकायत दर्ज नहीं की जाती, तो आम नागरिकों का क्या होगा।

सुनेत्रा पवार को लेकर ये कहा

राज ठाकरे ने कहा, “यह राजनीति का विषय नहीं है, एफआईआर दर्ज करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही? अभी विधानसभा का सत्र चल रहा है, उसमें यह मुद्दा उठाया जाना चाहिए। लोकसभा का भी सत्र जारी है, वहां भी एनसीपी सांसदों को यह मामला उठाना चाहिए। अजित पवार जैसे नेता से जुड़ा हादसा है और उसके लिए एफआईआर तक दर्ज नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों पर दबाव क्यों है? केवल एक FIR ही तो दर्ज करनी है, फिर सरकार किस बात से डर रही है? सुनेत्रा पवार को इस पर बोलना चाहिए और मुख्यमंत्री को भी स्पष्ट बयान देना चाहिए।“

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