स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे

स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। कई स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर अपनी जांची हुई आंसर शीट की स्कैन कॉपी शेयर की है। स्टूडेंट्स के मुताबिक, ये इतने घटिया क्वॉलिटी के स्कैन किए हुए हैं कि खुद का लिखा भी पढ़ पाना मुश्किल है। ऐसे में टीचर्स ने कॉपी कैसे चेक कर दी? एक ने स्कैन्ड आंसर शीट की फोटो शेयर करते CBSE को टैग करके लिखा है- 5 दिन समय था, 3 दिन वेबसाइट नहीं चली 12वीं के छात्रों को स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त करने और रीवैल्यूएशन के लिए CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन पोर्टल पर अप्लाई करने में भी काफी तकनीकी दिक्कतें आईं। बोर्ड ने आवेदन के लिए 19 से 23 मई तक की तारीखें तय की थीं, लेकिन स्‍टूडेंट्स का कहना है कि लगातार तीसरे दिन तक तकनीकी समस्या के चलते वेबसाइट नहीं चली। आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने के लिए छात्रों के पास 5 दिन थे, जिनमें से 3 दिन पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के चलते बर्बाद हुए। पोर्टल पर 3 घंटे में 1,27, 146 एप्लीकेशन आईं
20 मई को शाम 7:30 बजे तक पोर्टल वापस खुला। पोर्टल खुलने के 3 घंटे में ही 1,27, 146 एप्लीकेशंस आएं। CBSE ने एप्लीकेशन डेडलाइन एक दिन बढ़ाई वेबसाइट पर तकनीकी समस्या के चलते CBSE ने आंसर कॉपी की स्कैन्ड कॉपी के लिए एप्लीकेशन डेडलाइन एक दिन बढ़ा दी। बोर्ड ने 19 तारीख को नोटिस जारी कर इसकी घोषणा की। छात्रों को 23 मई तक अपनी आंसर शीट की कॉपी के लिए अप्लाई करने का समय दिया गया है।
फिर भी टेक्निकल ग्लिच की वजह से वेबसाइट नहीं चली। 20 मई को CBSE ने आधिकारिक नोटिस में दोपहर तक वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कत ठीक होने की बात कही। हालांकि, पोर्टल पर तब भी कई दिक्कतें रही हैं। फीस कभी 3 रुपए तो कभी 69,420 रुपए दिख रहा अब भी अप्लाई करते वक्त टेक्निकल ग्लिच आ रहे हैं। स्टूडेंट्स ने कॉपी देखने के लिए अप्लाई करते वक्त कई बार फीस भरी। पेमेंट स्टेटस अब भी फेल्ड दिखाया। हालांकि, जब 3 रुपए पे किया तब पेमेंट एक्सेप्ट कर लिया। कई स्टूडेंट्स के मुताबिक, वेबसाइट पर पेमेंट 100 रुपए की बजाय 8000 दिख रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने 17 मई को CBSE री-इवैल्यूएशन फीस में कटौती की थी। इसके तहत आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए, मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए देने होंगे। वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया था। ऑनलाइन कई लोग CBSE के पोर्टल के हैक होने का दावा कर रहे हैं। CBSE बोर्ड की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक जबाव नहीं आया है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि फीस भरने के दो दिन बाद भी स्कैन आंसर शीट की कॉपी नहीं मिली। स्कैनिंग में सप्लीमेंट्री आंसर शीट छोड़ी एक पेरेंट ने अपने बच्चे की मार्कशीट की कॉपी में से सप्लीमेंट्री यानी एक्ट्रा शीट के गायब होने की बात कही। स्कैनिंग में सप्लीमेंट्री आंसर शीट स्कैन कर नहीं डाला गया, जबकि मेन आंसर शीट में सप्लीमेंट्री शीट का जिक्र भी है। एक स्टूडेंट ने दावा किया कि दोस्त को 1 नंबर के MCQ में सही आंसर के लिए आधा नंबर मिला। CBSE बोला- ‘वेबसाइट बिलकुल सही काम कर रही’ तमाम गड़बड़ियों के बीच CBSE ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कुछ देर पहले किए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बोर्ड ने दावा किया था कि अब वेबसाइट बिलकुल सही काम कर रही है। छात्र बोले- ‘ग्रेस मार्क्स दें’ इसके गड़बड़ियों के बाद छात्रों ने ग्रेस मार्क्स देने की मांग उठाई है। उनके समर्थन में कई शिक्षक भी उतरे हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे प्रोसेस की बजाय ग्रेस मार्क्स देकर बच्चों के रिजल्ट दोबारा जारी किए जाएं।
———————– ये खबर भी पढ़ें… CBSE ने पर-क्‍वेश्‍चन रीवैल्यूएशन फीस 100 से घटाकर 25 की:एक नंबर भी बढ़ा तो पूरी फीस वापस होगी, छात्रों के विरोध के बाद फैसला शिक्षा मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की है। अब आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए ही देने होंगे। मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए देने होंगे। वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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