मैहर में नरवाई जलाने पर सख्त प्रतिबंध:कलेक्टर के निर्देश, पटवारियों को जांच और कार्रवाई के आदेश

मैहर में नरवाई जलाने पर सख्त प्रतिबंध:कलेक्टर के निर्देश, पटवारियों को जांच और कार्रवाई के आदेश

मैहर जिले में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य आग लगने की घटनाओं, सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले नुकसान और पर्यावरणीय क्षति को रोकना है। अमरपाटन, मैहर और रामनगर के उपखण्ड मजिस्ट्रेटों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध मध्य प्रदेश शासन के पर्यावरण विभाग की अधिसूचना और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप है। वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत धान और गेहूं के फसल अवशेषों को खेतों में जलाना पहले से ही प्रतिबंधित है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मैहर ने 9 मार्च 2026 को भी इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसके तहत, तहसील अमरपाटन, मैहर और रामनगर के सभी हल्का पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नरवाई जलाने की घटनाओं की तत्काल जांच करें। यह जांच कृषि विस्तार अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से की जाएगी और जांच रिपोर्ट संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार को प्रस्तुत की जाएगी।

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