‘मुझे कहा गया मेरे घरवालों ने आरोपी महिला से 50 हजार रुपए लेकर मुझे बेच दिया है। अब मुझे उसी व्यक्ति से शादी करनी होगी। इसके बाद मेरी जबरन करीब 50 साल के एक अधेड़ से शादी करवा दी गई। शादी के बाद मेरा पति हर रात मेरे साथ दरिंदगी करता था। विरोध करने पर मुझे बेरहमी से पीटा जाता और अंधेरे कमरे में बंद कर दिया जाता था। खाने के नाम पर पूरे दिन में सिर्फ दो रोटी दी जाती थी। करीब डेढ़ साल तक मैंने इस अत्याचार को झेला है।’ दरअसल, रोहतास के डालमियानगर की रहने वाली नाबालिग पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी दोस्त की बुआ ने उसे और उसके परिवारवालों को शादी का झांसा देकर राजस्थान में अधेड़ के पास बेच दिया। करीब डेढ़ साल तक वो आरोपियों के चंगुल में ही फंसी रही। 1 मई 2026 को वो किसी तरह भागने में सफल हुई। इसके बाद घर आकर उसने अपने माता-पिता को सारी आपबीती सुनाई है। फिलहाल, 4 मई को पुलिस ने इस मामले में आवेदन के हिसाब से 3 महिलाओं को अरेस्ट कर लिया है। उनसे पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। सासाराम से जयपुर कैसे पहुंची नाबालिग लड़की? कितने दिनों तक उसका होता रहा शोषण? कैसे राजस्थान से भागकर बिहार पहुंची लड़की? घरवालों को इस मामले पर क्या है कहना? दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 22KM दूर पीड़िता के घर पहुंची। इस दौरान हमने पीड़िता और उसकी मां से बात कर सारे सवालों का जवाब जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… दोस्त की बुआ ने मेरा सौदा किया पीड़िता ने बताया, मेरे घर के बगल में एक दोस्त रहती है, उसके घर पर उसकी बुआ बबीता का अक्सर आना-जाना होता था। इसी दौरान एक दिन मेरी दोस्त के साथ बबीता भी हमारे घर पर आ गई। लगातार 2-3 बार हमारे घर पर आने के बाद बबीता मेरी मां के साथ खूब बातचीत करने लगी। हम लोग उन्हें अपना ही मानते थे। वह मां-पापा से बैठकर बातें करती थी। हमें क्या पता था कि वही हमारी जिंदगी बर्बाद कर देगी। 2025 के फरवरी में एक दिन बबीता ने मेरी मां से शादी की बात छेड़ी। उसने कहा, आपको 3 बेटियां और 3 बेटे हैं। जल्दी-जल्दी सबकी शादी करेंगी तभी तो ठीक रहेगा। इसपर मेरी मां ने कहा, हां मुझे अपनी बड़ी बेटी की शादी करनी है। तभी तुरंत बबीता ने कहा, मेरे पास एक अच्छा कमाने वाला लड़का है। मां ने कहा, मुझे अपनी बेटी की अगल-बगल ही शादी करनी है। इसलिए उसी हिसाब से बताना। इसपर बबीता ने कहा, नहीं लड़का थोड़ा दूर रहता है लेकिन उसके घर में पैसों की कमी नहीं है। मां ने आगे कहा, मुझे अपनी बेटी की जात में ही शादी करनी है। किसी और जात में शादी करेंगे तो मेरे ससुराल और मायके वाले मुझे जीने नहीं देंगे। इतना सुनते ही मैं अपनी दोस्त के साथ घर से बाहर किसी काम से चली गई। इसी वजह से आगे क्या बातचीत हुई, मुझे जानकारी नहीं। सुबह 5 बजे घर से निकली, फिर कभी लौट नहीं पाई कुछ दिन बाद बबीता फिर मेरे घर आई। उस दिन घर में कोई नहीं था। उसने मुझसे कहा, तुम्हारी मां से मेरी फोन पर बात हो गई है। मैं तुम्हें लड़के वालों को दिखाने ले जा रही हूं। मैंने उस पर भरोसा कर लिया। यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। बबीता ने मुझे सुबह 5 बजे घर से निकलने को कहा और डेहरी स्टेशन बुलाया। मैं समय पर स्टेशन पहुंच गई। वहां पहले से तीन और लड़कियां मौजूद थीं। इसके बाद चारों लड़कियों को लेकर बबीता पहले दिल्ली और फिर जयपुर ले गई। रास्ते भर मैं पूछती रही कि मुझे कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन हर बार मुझे यही कहा गया तुम्हारी शादी करवा रहे हैं। जयपुर में 3 दिन तक कमरे में बंद, भूख से तड़पती रही पीड़िता आगे बताती है, जयपुर पहुंचने के बाद चारों लड़कियों को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया गया था। तीन दिनों तक मुझे उसी कमरे में कैद रखा गया। दिनभर में सिर्फ 2 रोटी मिलती थी। मैं रोती थी, चिल्लाती थी लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। तीन दिन बाद बबीता मेरे पास आई। उसने मुझसे कहा, तुम्हारे घरवालों ने मुझसे 50 हजार रुपए लिए हैं। तुम्हें बेच दिया गया है। अब तुम्हें उसी के साथ रहना होगा, जिससे मैं कहूंगी। इसके बाद मेरी जबरन शादी करीब 45-50 साल के एक व्यक्ति से कर दी गई। उसका नाम सीताराम है। मैंने लाख रुपए दिए हैं, कहकर करता था दरिंदगी शादी के बाद मुझे राजस्थान के एक गांव में रखा गया। जब मैंने अपने पति से कहा कि यह शादी जबरदस्ती कराई गई है। मुझे छोड़ दो। मैं अपने घर जाना चाहती हूं। इसपर उसने जवाब दिया, मैंने तुम्हारे लिए एक लाख रुपए दिए हैं अब तुम मेरी हो। सीताराम हर राज मेरे साथ दरिंदगी करता था। मुझे मारता-पीटता था। जब मैंने उसके साथ सोने से मना किया, तो उसने मुझे बुरी तरह पीटा। गला तक दबा दिया। मुझे कई-कई दिनों तक कमरे और बाथरूम में बंद रखा जाता था। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। न मेरी पसंद का खाना मिलता था और न ही कोई सुविधा मिलती थी। मैं जिंदा थी, लेकिन जिंदगी जैसे खत्म हो गई थी। हर रात दरिंदगी, 4 बार भागने की कोशिश नाकाम पीड़िता बताती है कि हर रात मेरे साथ जबरदस्ती की जाती थी। मैं किसी भी तरह वहां से निकलना चाहती थी। अगस्त 2025 में मैंने पहली बार भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़ी गई। इसके बाद मुझे बुरी तरह पीटा गया और 5 दिनों तक अंधेरे कमरे में बंद रखा गया। इसके बाद मैंने करीब 4 बार भागने की कोशिश की, लेकिन हर बार पकड़ी गई। हर बार सीताराम मारता था। धमकी देता था कि वो मुझे मारकर कहीं दूसरी जगह फेंक देंगा, किसी को पता भी नहीं चलेगा। 1 मई 2026: मौका मिला और जिंदगी बच गई नाबालिग आगे कहती है, 1 मई 2026 को घर के सभी लोग बाहर गए हुए थे। सिर्फ मेरी जेठानी घर पर थी। मैंने हिम्मत जुटाई और अपने कमरे को अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद मैं पीछे के दरवाजे से भाग निकली। मैंने किसी तरह ऑटो लिया और सीछे जयपुर स्टेशन पहुंची। वहां से ट्रेन पकड़कर बिहार के सासाराम पहुंच गई। 3 मई को घर पहुंचकर मैंने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। असली पहचान छिपाने के लिए कहा गया पीड़िता ने बताया कि उसे अपनी असली पहचान छिपाने के लिए मजबूर किया जाता था। उसे सिखाया गया था कि वह खुद को गुड़गांव की रहने वाली बताए।घर में सास, ससुर और अन्य सदस्य भी थे, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। पीड़िता की आंखों में आज भी डर साफ झलकता है। वह कहती है, मैं बस अपने घर वापस आ गई, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। लेकिन अब मुझे इंसाफ चाहिए, ताकि किसी और लड़की के साथ ऐसा न हो। मां बोली – हमने बेटी को बेचने से किया था इनकार नाबालिग की मां ने बताया, मैं चूड़ी बेचती हूं और मेरे पति एंबुलेंस चलाते हैं। इसी कमाई से हम अपना घर का गुजारा करते हैं। हम गरीब हैं, लेकिन बेटी का सौदा नहीं करेंगे। मैंने बबीता को अपनी बेटी की राजस्थान में शादी करने से मना कर दिया था। आरोपी महिला ने 50-60 हजार रुपए देने की बात कही थी, जिसे मैंने ठुकरा दिया था। जब बेटी गायब हुई, तो हमलोगों को लगा कि वह अपनी मर्जी से किसी लड़के के साथ भाग गई है। उस समय लड़का-लड़की के भागने की घटनाएं ज्यादा हो रही थीं, इसलिए हमने शिकायत नहीं की। करीब डेढ़ साल बाद जब बेटी लौटी, तब सच्चाई सामने आई। 4 मई को हमने थाने में आवेदन दिया है। 5 मई को पुलिस ने 3 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो गरीब परिवारों की लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में दुल्हन के नाम पर बेचता है। 3 महिलाओं को गिरफ्तार कर गैंग की डिटेल्स निकलवा रहे इस मामले में SP रोशन कुमार ने बताया, डालमियानगर थाना कांड संख्या- 90/26 में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बच्चियों की जबरन शादी कराने वाले गिरोह की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आवेदन के आधार पर की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64/87/303(2)/3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जिन तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सूरजमुखी कुंवर, बबीता देवी और चैना देवी के रूप में की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता था। फिर राजस्थान में उनकी जबरन शादी करवा देता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। ‘मुझे कहा गया मेरे घरवालों ने आरोपी महिला से 50 हजार रुपए लेकर मुझे बेच दिया है। अब मुझे उसी व्यक्ति से शादी करनी होगी। इसके बाद मेरी जबरन करीब 50 साल के एक अधेड़ से शादी करवा दी गई। शादी के बाद मेरा पति हर रात मेरे साथ दरिंदगी करता था। विरोध करने पर मुझे बेरहमी से पीटा जाता और अंधेरे कमरे में बंद कर दिया जाता था। खाने के नाम पर पूरे दिन में सिर्फ दो रोटी दी जाती थी। करीब डेढ़ साल तक मैंने इस अत्याचार को झेला है।’ दरअसल, रोहतास के डालमियानगर की रहने वाली नाबालिग पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी दोस्त की बुआ ने उसे और उसके परिवारवालों को शादी का झांसा देकर राजस्थान में अधेड़ के पास बेच दिया। करीब डेढ़ साल तक वो आरोपियों के चंगुल में ही फंसी रही। 1 मई 2026 को वो किसी तरह भागने में सफल हुई। इसके बाद घर आकर उसने अपने माता-पिता को सारी आपबीती सुनाई है। फिलहाल, 4 मई को पुलिस ने इस मामले में आवेदन के हिसाब से 3 महिलाओं को अरेस्ट कर लिया है। उनसे पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। सासाराम से जयपुर कैसे पहुंची नाबालिग लड़की? कितने दिनों तक उसका होता रहा शोषण? कैसे राजस्थान से भागकर बिहार पहुंची लड़की? घरवालों को इस मामले पर क्या है कहना? दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 22KM दूर पीड़िता के घर पहुंची। इस दौरान हमने पीड़िता और उसकी मां से बात कर सारे सवालों का जवाब जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना… दोस्त की बुआ ने मेरा सौदा किया पीड़िता ने बताया, मेरे घर के बगल में एक दोस्त रहती है, उसके घर पर उसकी बुआ बबीता का अक्सर आना-जाना होता था। इसी दौरान एक दिन मेरी दोस्त के साथ बबीता भी हमारे घर पर आ गई। लगातार 2-3 बार हमारे घर पर आने के बाद बबीता मेरी मां के साथ खूब बातचीत करने लगी। हम लोग उन्हें अपना ही मानते थे। वह मां-पापा से बैठकर बातें करती थी। हमें क्या पता था कि वही हमारी जिंदगी बर्बाद कर देगी। 2025 के फरवरी में एक दिन बबीता ने मेरी मां से शादी की बात छेड़ी। उसने कहा, आपको 3 बेटियां और 3 बेटे हैं। जल्दी-जल्दी सबकी शादी करेंगी तभी तो ठीक रहेगा। इसपर मेरी मां ने कहा, हां मुझे अपनी बड़ी बेटी की शादी करनी है। तभी तुरंत बबीता ने कहा, मेरे पास एक अच्छा कमाने वाला लड़का है। मां ने कहा, मुझे अपनी बेटी की अगल-बगल ही शादी करनी है। इसलिए उसी हिसाब से बताना। इसपर बबीता ने कहा, नहीं लड़का थोड़ा दूर रहता है लेकिन उसके घर में पैसों की कमी नहीं है। मां ने आगे कहा, मुझे अपनी बेटी की जात में ही शादी करनी है। किसी और जात में शादी करेंगे तो मेरे ससुराल और मायके वाले मुझे जीने नहीं देंगे। इतना सुनते ही मैं अपनी दोस्त के साथ घर से बाहर किसी काम से चली गई। इसी वजह से आगे क्या बातचीत हुई, मुझे जानकारी नहीं। सुबह 5 बजे घर से निकली, फिर कभी लौट नहीं पाई कुछ दिन बाद बबीता फिर मेरे घर आई। उस दिन घर में कोई नहीं था। उसने मुझसे कहा, तुम्हारी मां से मेरी फोन पर बात हो गई है। मैं तुम्हें लड़के वालों को दिखाने ले जा रही हूं। मैंने उस पर भरोसा कर लिया। यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। बबीता ने मुझे सुबह 5 बजे घर से निकलने को कहा और डेहरी स्टेशन बुलाया। मैं समय पर स्टेशन पहुंच गई। वहां पहले से तीन और लड़कियां मौजूद थीं। इसके बाद चारों लड़कियों को लेकर बबीता पहले दिल्ली और फिर जयपुर ले गई। रास्ते भर मैं पूछती रही कि मुझे कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन हर बार मुझे यही कहा गया तुम्हारी शादी करवा रहे हैं। जयपुर में 3 दिन तक कमरे में बंद, भूख से तड़पती रही पीड़िता आगे बताती है, जयपुर पहुंचने के बाद चारों लड़कियों को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया गया था। तीन दिनों तक मुझे उसी कमरे में कैद रखा गया। दिनभर में सिर्फ 2 रोटी मिलती थी। मैं रोती थी, चिल्लाती थी लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। तीन दिन बाद बबीता मेरे पास आई। उसने मुझसे कहा, तुम्हारे घरवालों ने मुझसे 50 हजार रुपए लिए हैं। तुम्हें बेच दिया गया है। अब तुम्हें उसी के साथ रहना होगा, जिससे मैं कहूंगी। इसके बाद मेरी जबरन शादी करीब 45-50 साल के एक व्यक्ति से कर दी गई। उसका नाम सीताराम है। मैंने लाख रुपए दिए हैं, कहकर करता था दरिंदगी शादी के बाद मुझे राजस्थान के एक गांव में रखा गया। जब मैंने अपने पति से कहा कि यह शादी जबरदस्ती कराई गई है। मुझे छोड़ दो। मैं अपने घर जाना चाहती हूं। इसपर उसने जवाब दिया, मैंने तुम्हारे लिए एक लाख रुपए दिए हैं अब तुम मेरी हो। सीताराम हर राज मेरे साथ दरिंदगी करता था। मुझे मारता-पीटता था। जब मैंने उसके साथ सोने से मना किया, तो उसने मुझे बुरी तरह पीटा। गला तक दबा दिया। मुझे कई-कई दिनों तक कमरे और बाथरूम में बंद रखा जाता था। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। न मेरी पसंद का खाना मिलता था और न ही कोई सुविधा मिलती थी। मैं जिंदा थी, लेकिन जिंदगी जैसे खत्म हो गई थी। हर रात दरिंदगी, 4 बार भागने की कोशिश नाकाम पीड़िता बताती है कि हर रात मेरे साथ जबरदस्ती की जाती थी। मैं किसी भी तरह वहां से निकलना चाहती थी। अगस्त 2025 में मैंने पहली बार भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़ी गई। इसके बाद मुझे बुरी तरह पीटा गया और 5 दिनों तक अंधेरे कमरे में बंद रखा गया। इसके बाद मैंने करीब 4 बार भागने की कोशिश की, लेकिन हर बार पकड़ी गई। हर बार सीताराम मारता था। धमकी देता था कि वो मुझे मारकर कहीं दूसरी जगह फेंक देंगा, किसी को पता भी नहीं चलेगा। 1 मई 2026: मौका मिला और जिंदगी बच गई नाबालिग आगे कहती है, 1 मई 2026 को घर के सभी लोग बाहर गए हुए थे। सिर्फ मेरी जेठानी घर पर थी। मैंने हिम्मत जुटाई और अपने कमरे को अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद मैं पीछे के दरवाजे से भाग निकली। मैंने किसी तरह ऑटो लिया और सीछे जयपुर स्टेशन पहुंची। वहां से ट्रेन पकड़कर बिहार के सासाराम पहुंच गई। 3 मई को घर पहुंचकर मैंने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। असली पहचान छिपाने के लिए कहा गया पीड़िता ने बताया कि उसे अपनी असली पहचान छिपाने के लिए मजबूर किया जाता था। उसे सिखाया गया था कि वह खुद को गुड़गांव की रहने वाली बताए।घर में सास, ससुर और अन्य सदस्य भी थे, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। पीड़िता की आंखों में आज भी डर साफ झलकता है। वह कहती है, मैं बस अपने घर वापस आ गई, यही मेरी सबसे बड़ी जीत है। लेकिन अब मुझे इंसाफ चाहिए, ताकि किसी और लड़की के साथ ऐसा न हो। मां बोली – हमने बेटी को बेचने से किया था इनकार नाबालिग की मां ने बताया, मैं चूड़ी बेचती हूं और मेरे पति एंबुलेंस चलाते हैं। इसी कमाई से हम अपना घर का गुजारा करते हैं। हम गरीब हैं, लेकिन बेटी का सौदा नहीं करेंगे। मैंने बबीता को अपनी बेटी की राजस्थान में शादी करने से मना कर दिया था। आरोपी महिला ने 50-60 हजार रुपए देने की बात कही थी, जिसे मैंने ठुकरा दिया था। जब बेटी गायब हुई, तो हमलोगों को लगा कि वह अपनी मर्जी से किसी लड़के के साथ भाग गई है। उस समय लड़का-लड़की के भागने की घटनाएं ज्यादा हो रही थीं, इसलिए हमने शिकायत नहीं की। करीब डेढ़ साल बाद जब बेटी लौटी, तब सच्चाई सामने आई। 4 मई को हमने थाने में आवेदन दिया है। 5 मई को पुलिस ने 3 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो गरीब परिवारों की लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में दुल्हन के नाम पर बेचता है। 3 महिलाओं को गिरफ्तार कर गैंग की डिटेल्स निकलवा रहे इस मामले में SP रोशन कुमार ने बताया, डालमियानगर थाना कांड संख्या- 90/26 में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बच्चियों की जबरन शादी कराने वाले गिरोह की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आवेदन के आधार पर की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64/87/303(2)/3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जिन तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सूरजमुखी कुंवर, बबीता देवी और चैना देवी के रूप में की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता था। फिर राजस्थान में उनकी जबरन शादी करवा देता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।


