किशनगंज शहर में शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। हवा की रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे ईद की खरीदारी प्रभावित हुई और लोग दुकानों व घरों में शरण लेने को मजबूर हो गए। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। बिजली के तारों पर पेड़ गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन और बिजली विभाग ने एहतियातन कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। इससे शहर के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया। पानी भरने से पैदल यात्रियों की मुश्किल बढ़ी सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोगों को मोबाइल टॉर्च या मोमबत्ती के सहारे गुजारा करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आंधी-बारिश काफी अचानक आई। ईद की तैयारियों में जुटे कई परिवारों को परेशानी हुई। बाजारों में लगे स्टॉल उड़ गए, कुछ दुकानों के शटर नीचे गिर गए और सामान भीग गया। कुछ इलाकों से ओलावृष्टि की भी खबरें मिली हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक किसानों का कहना है कि यह मौसम मक्का और अन्य खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। शनिवार सुबह तक बारिश थम गई, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए हैं। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और हवा अभी भी तेज चल रही है। किशनगंज शहर में शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। हवा की रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे ईद की खरीदारी प्रभावित हुई और लोग दुकानों व घरों में शरण लेने को मजबूर हो गए। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। बिजली के तारों पर पेड़ गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन और बिजली विभाग ने एहतियातन कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। इससे शहर के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया। पानी भरने से पैदल यात्रियों की मुश्किल बढ़ी सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोगों को मोबाइल टॉर्च या मोमबत्ती के सहारे गुजारा करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आंधी-बारिश काफी अचानक आई। ईद की तैयारियों में जुटे कई परिवारों को परेशानी हुई। बाजारों में लगे स्टॉल उड़ गए, कुछ दुकानों के शटर नीचे गिर गए और सामान भीग गया। कुछ इलाकों से ओलावृष्टि की भी खबरें मिली हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक किसानों का कहना है कि यह मौसम मक्का और अन्य खड़ी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। शनिवार सुबह तक बारिश थम गई, लेकिन आसमान में बादल छाए हुए हैं। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और हवा अभी भी तेज चल रही है।


