कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में रविवार को बुलडोजर एक्शन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, जिनमें केंद्रीय बलों के वाहन भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग के पास बड़ी संख्या में लोग एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव के विरोध में जुटे थे। उन्होंने सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस जब भीड़ को हटाने पहुंची, तो पथराव शुरू हो गया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बल तैनात किए गए। फ्लैग मार्च निकालकर आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ाई गई। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त आशेष बिस्वास ने कहा कि यह गैरकानूनी जमावड़ा था। पुलिस मानक प्रक्रिया के तहत भीड़ को हटाने की कोशिश कर रही थी, तभी हमला हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और बाकी की पहचान की जा रही है। तिलजला की कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव यह विवाद तिलजला इलाके में हाल में हुई अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के बाद बढ़ा है। यह अभियान उस फैक्ट्री आग हादसे के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने धार्मिक प्रार्थनाओं के दौरान लाउडस्पीकर और सड़क पर नमाज को लेकर लगी पाबंदियों को भी नाराजगी की वजह बताया। पुलिस ने राजाबाजार और पार्क सर्कस की घटनाओं के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। ममता बोलीं- बंगाल बुलडोजर राजनीति में भरोसा नहीं करता TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने X पर लिखा, “बंगाल बुलडोजर राजनीति में भरोसा नहीं करता। टैगोर और नेताजी की धरती पर आम नागरिकों के खिलाफ डर, बल और तोड़फोड़ के जरिए शासन नहीं चलाया जा सकता। घरों से लेकर फेरीवालों के ठेलों तक, गरीब राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं। ————-
कोलकाता में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर पथराव:गाड़ियों में तोड़फोड़, 3 जवान घायल; ममता बोलीं- बंगाल बुलडोजर राजनीति में भरोसा नहीं करता


