खेल मंत्री Mansukh Mandaviya का एक्शन, Olympics 2036 के लिए India Bid को लेकर बना नया रोडमैप

खेल मंत्री Mansukh Mandaviya का एक्शन, Olympics 2036 के लिए India Bid को लेकर बना नया रोडमैप

भारत के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की समीक्षा के लिए हुई बैठक के दौरान देश की 2036 ओलंपिक बोली को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा आयोजित समीक्षा सत्र में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी ऑनलाइन शामिल हुए।
यह बैठक बृहस्पतिवार को हुई जिसमें भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के शीर्ष अधिकारी व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। गुजरात के खेल, युवा मामले और सांस्कृतिक गतिविधियों के मंत्री संघवी भी चर्चा के दौरान राज्य सरकार के कुछ प्रतिनिधियों के साथ मौजूद थे।
आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘वे मुख्य रूप से 2026 राष्ट्रमंडल खेल के समापन समारोह पर चर्चा करने के लिए मौजूद थे जिसके दौरान 2030 चरण के मेजबान के तौर पर अहमदाबाद को ‘बैटन’ (मशाल) सौंपी जाएगी। लेकिन चर्चा के दौरान ओलंपिक बोली का मुद्दा भी उठा और इस बात पर चर्चा हुई कि प्रक्रिया फिर से शुरू होने पर बोली को आगे कैसे बढ़ाया जाए। ’’
सूत्र ने कहा, ‘‘कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया, बस इस बात पर बातचीत हुई कि प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी। ’’
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने पिछले साल मेजबान चयन प्रक्रिया को रोक दिया था ताकि वह अपने मानदंडों पर फिर से विचार कर सके, लेकिन उम्मीद है कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में इसमें तेजी आएगी।
अक्टूबर 2024 में अहमदाबाद में खेलों की मेजबानी के लिए ‘रूचि पत्र’ जमा करने के बाद भारत रुकी हुई बोली प्रक्रिया के ‘लगातार संवाद’ चरण में था।
इसके अलावा मांडविया ने जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की समीक्षा की।
खेल मंत्रालय के एक मीडिया बयान में कहा गया, ‘‘बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच सुचारू समन्वय सुनिश्चित करना और राष्ट्रमंडल खेल 2026 की तैयारी कर रहे भारतीय एथलीटों के लिए सहायता प्रणाली को मजबूत करना था। ’’
उम्मीद है कि खेलों के दौरान एथलीटों का समर्थन करने के लिए एक ‘इंडिया हाउस’ स्थापित किया जाएगा।
बैठक में ग्लासगो 2026 के लिए ‘परिचालन और लॉजिस्टिक तैयारियों’ के संबंध में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ खेल सचिव द्वारा किए जा रहे अंतर-मंत्रालयी समन्वय प्रयासों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय, संस्कृति और पर्यटन विभागों के साथ समन्वय, एथलीट के लिए सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

भारत के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की समीक्षा के लिए हुई बैठक के दौरान देश की 2036 ओलंपिक बोली को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा आयोजित समीक्षा सत्र में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी ऑनलाइन शामिल हुए।
यह बैठक बृहस्पतिवार को हुई जिसमें भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के शीर्ष अधिकारी व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए।

गुजरात के खेल, युवा मामले और सांस्कृतिक गतिविधियों के मंत्री संघवी भी चर्चा के दौरान राज्य सरकार के कुछ प्रतिनिधियों के साथ मौजूद थे।
आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘वे मुख्य रूप से 2026 राष्ट्रमंडल खेल के समापन समारोह पर चर्चा करने के लिए मौजूद थे जिसके दौरान 2030 चरण के मेजबान के तौर पर अहमदाबाद को ‘बैटन’ (मशाल) सौंपी जाएगी। लेकिन चर्चा के दौरान ओलंपिक बोली का मुद्दा भी उठा और इस बात पर चर्चा हुई कि प्रक्रिया फिर से शुरू होने पर बोली को आगे कैसे बढ़ाया जाए। ’’

सूत्र ने कहा, ‘‘कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया, बस इस बात पर बातचीत हुई कि प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी। ’’
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने पिछले साल मेजबान चयन प्रक्रिया को रोक दिया था ताकि वह अपने मानदंडों पर फिर से विचार कर सके, लेकिन उम्मीद है कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में इसमें तेजी आएगी।
अक्टूबर 2024 में अहमदाबाद में खेलों की मेजबानी के लिए ‘रूचि पत्र’ जमा करने के बाद भारत रुकी हुई बोली प्रक्रिया के ‘लगातार संवाद’ चरण में था।

इसके अलावा मांडविया ने जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की समीक्षा की।
खेल मंत्रालय के एक मीडिया बयान में कहा गया, ‘‘बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी हितधारकों के बीच सुचारू समन्वय सुनिश्चित करना और राष्ट्रमंडल खेल 2026 की तैयारी कर रहे भारतीय एथलीटों के लिए सहायता प्रणाली को मजबूत करना था। ’’

उम्मीद है कि खेलों के दौरान एथलीटों का समर्थन करने के लिए एक ‘इंडिया हाउस’ स्थापित किया जाएगा।
बैठक में ग्लासगो 2026 के लिए ‘परिचालन और लॉजिस्टिक तैयारियों’ के संबंध में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ खेल सचिव द्वारा किए जा रहे अंतर-मंत्रालयी समन्वय प्रयासों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय, संस्कृति और पर्यटन विभागों के साथ समन्वय, एथलीट के लिए सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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