किशनगंज जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने स्पेशल इंटेलिजेंट रेडिंग टीम (SIRT) का गठन किया है। यह टीम विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर जिले में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य बालू माफिया, इंट्री माफिया, मादक पदार्थ तस्करी, वारंटी और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि SIRT को खुफिया सूचनाएं जुटाने, निगरानी करने और छापेमारी करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। यह टीम जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में गुप्त रूप से काम करेगी। सूचना मिलते ही टीम तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाने को सौंप दिया जाएगा गिरफ्तारी के बाद अभियुक्तों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाने को सौंप दिया जाएगा, जिससे थाना स्तर पर कार्रवाई में तेजी आएगी और अपराधियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी। एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि टीम अवैध बालू खनन, बिना परमिट वाहनों के प्रवेश, मादक पदार्थों की तस्करी और लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देगी। इसके अतिरिक्त, अंतर-जिला और अंतरराज्यीय गिरोहों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। SIRT को तकनीकी सहायता, आधुनिक संचार उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए। गठन से अपराधियों में भय का माहौल पैदा होगा पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि SIRT के गठन से अपराधियों में भय का माहौल पैदा होगा और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। सूचना देने वाले की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस विशेष टीम के सक्रिय होने से जिले में संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। किशनगंज जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने स्पेशल इंटेलिजेंट रेडिंग टीम (SIRT) का गठन किया है। यह टीम विशेष खुफिया सूचनाओं के आधार पर जिले में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य बालू माफिया, इंट्री माफिया, मादक पदार्थ तस्करी, वारंटी और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि SIRT को खुफिया सूचनाएं जुटाने, निगरानी करने और छापेमारी करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। यह टीम जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में गुप्त रूप से काम करेगी। सूचना मिलते ही टीम तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाने को सौंप दिया जाएगा गिरफ्तारी के बाद अभियुक्तों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाने को सौंप दिया जाएगा, जिससे थाना स्तर पर कार्रवाई में तेजी आएगी और अपराधियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी। एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि टीम अवैध बालू खनन, बिना परमिट वाहनों के प्रवेश, मादक पदार्थों की तस्करी और लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देगी। इसके अतिरिक्त, अंतर-जिला और अंतरराज्यीय गिरोहों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। SIRT को तकनीकी सहायता, आधुनिक संचार उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए। गठन से अपराधियों में भय का माहौल पैदा होगा पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि SIRT के गठन से अपराधियों में भय का माहौल पैदा होगा और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। सूचना देने वाले की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस विशेष टीम के सक्रिय होने से जिले में संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।


