Space Arms Race: अमेरिका ने पहली बार माना है कि उसने पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में स्पेस-कंट्रोल हथियार तैनात किए हैं। अमेरिकी वायु सेना के सेक्रेटरी ट्रॉय मींक और अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार, ये हथियार कक्षा में आक्रामक और रक्षात्मक, दोनों तरह के मिशन पूरे करने में पूरी तरह सक्षम हैं। इस बयान के बाद चीन ने कड़ी आपत्ति जताई और अमेरिका पर अंतरिक्ष को सैन्य अखाड़ा बनाने का आरोप लगाया।
सेना की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए स्पेस-कंट्रोल हथियार: ट्रॉय मींक
अमेरिकी वायु सेना के सेक्रेटरी ट्रॉय मींक ने मैरीलैंड के नेशनल हार्बर में आयोजित ‘एयर, स्पेस एंड साइबर कॉन्फ्रेंस’ में पहली बार सार्वजनिक मंच से अंतरिक्ष में हथियार होने की बात कबूल की। ट्रॉय मींक ने कहा कि अमेरिका हर नए खतरे का सामना करने के लिए हर जगह तैयारी सुनिश्चित कर रहा है। यही वजह है कि अमेरिका के पास अब ऑर्बिट में ऐसे स्पेस कंट्रोल हथियार मौजूद हैं जो दुश्मन की कार्रवाई से उसकी जॉइंट फोर्स की रक्षा करने में सक्षम हैं। हालांकि, ट्रॉय मींक ने यह नहीं बताया कि ये हथियार किस तरह के हैं, कितने हैं या उन्हें कब और किस ऑर्बिट में तैनात किया गया।
US स्पेस फोर्स के अनुसार, स्पेस कंट्रोल का मतलब उन मिलिट्री क्षमताओं से है जिन्हें अंतरिक्ष में गतिविधियों को चुनौती देने और उन पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए बनाया गया है। स्पेस फोर्स ने कहा कि इस मकसद के लिए काइनेटिक और नॉन-काइनेटिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे जरूरत पड़ने पर दुश्मन की अंतरिक्ष क्षमताओं को कमजोर या नष्ट किया जा सके।
इन क्षमताओं का इस्तेमाल आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह के ऑपरेशन में किया जा सकता है। इसका मतलब है कि स्पेस कंट्रोल सिर्फ दुश्मन के हमलों से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुश्मन की अंतरिक्ष-आधारित मिलिट्री क्षमताओं पर भी असर डाल सकता है।
चीन का पलटवार
US के दावों का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन ने हमेशा अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का समर्थन किया है और अंतरिक्ष को युद्ध का मैदान बनाने या किसी भी तरह की हथियारों की होड़ में शामिल होने का कड़ा विरोध करता है। अमेरिका को सलाह देते हुए, चीनी प्रवक्ता ने कहा, “हम US से आग्रह करते हैं कि वह आउटर स्पेस में अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ाने और युद्ध की तैयारी करने को तुरंत रोके और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार कदम उठाए।”
चीन और रूस को लेकर अमेरिका की चिंता
अमेरिका का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह अंतरिक्ष में चीन और रूस को अपने दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखता है। 2019 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाई गई US स्पेस फोर्स की वेबसाइट के अनुसार, चीन अपनी मिलिट्री को आधुनिक बनाने की रणनीति के तहत तेजी से काउंटर-स्पेस हथियार विकसित कर रहा है, जबकि रूस अंतरिक्ष को भविष्य की लड़ाई के लिए एक अहम और निर्णायक क्षेत्र मानता है। अमेरिकी रणनीतिकारों को डर है कि अगर कोई संभावित टकराव होता है, तो दोनों देश अमेरिकी सैटेलाइट्स को निशाना बना सकते हैं।



(@smith_seattle1)