Rajasthan Taekwondo Certificate Scam: स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी खेल प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने वाले का खुलासा करते हुए शिक्षा विभाग के एक यूडीसी को गिरफ्तार किया है। मामले में ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र के नाम आरोपी जगदीश पर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभदिलाने का खेल सामने आया है।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जगदीश सारण (33) नागौर जिले के छीला श्री बालाजी का निवासी है और वर्तमान में निलंबित यूडीसी है।
आरोपी ने श्री करणी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देशनोक (बीकानेर) से जुड़े रहने के दौरान करीब 30 हजार रुपए में 8वीं नेशनल सीनियर ताइक्वांडो चैंपियनशिप (2016-17) का फर्जी प्रमाण पत्र हासिल किया था, जो विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में आयोजित बताई गई थी।
वर्ष 2022 में तृतीय श्रेणी शिक्षक (लेवल-1) भर्ती में खेल कोटे के तहत 2 प्रतिशत पदों पर चयन होना था। इस प्रक्रिया में ताइक्वांडो प्रमाण पत्र के आधार पर 38 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, लेकिन जांच में इनके प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी ईमेल आइडी के जरिए ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से नकली सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई। इस मामले में एसओजी थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आइटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। अब तक इस मामले में 20 अभ्यर्थियों, तीन सहयोगियों और एक दलाल सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में सामने आया कि जगदीश सारण अभ्यर्थियों से लाखों रुपए लेकर फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराता था। उसने अपने रिश्तेदार रामचंद्र पीटीआई के जरिए ये दस्तावेज तैयार करवाए।
एक प्रमाण पत्र के लिए करीब 2.30 लाख रुपए तक वसूले जाने की बात सामने आई है। एसओजी ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर 22 अप्रेल को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है।
पूर्व में भी आरोपी हो चुका है गिरफ्तार
जगदीश पहले भी एसओजी के प्रकरण में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2020 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में उसने रस्साकशी प्रतियोगिता के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को लाभदिलाया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने अपने भाई मुकेश सारण के लिए शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में बीपीएड की फर्जी डिग्री तैयार करवाई थी। इस संबंध में अलग से मामला दर्ज कर दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।


