Siddaramaiah Sting Case: दिल्ली में खरीदा मोबाइल HD Kumaraswamy के घर सौंपा गया, बेंगलुरु पुलिस का दावा

Siddaramaiah Sting Case: दिल्ली में खरीदा मोबाइल HD Kumaraswamy के घर सौंपा गया, बेंगलुरु पुलिस का दावा

बेंगलुरु, एक नवंबर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किए गए ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन नयी दिल्ली में खरीदा गया था और राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंपा गया था। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने रविवार को यह दावा किया। पुलिस आयुक्त ने गिरफ्तार आरोपी रितेश पांडे के बयान के हवाले से बताया कि मोबाइल फोन का हस्तांतरण प्रसाद के निर्देश पर किया गया था।

दिल्ली निवासी पांडे को कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के मामले में 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी थी। बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था और पूछताछ के लिए बेंगलुरु ले आई थी।

पुलिस आयुक्त ने पत्रकारों को बताया कि पांडे ने विनोद शर्मा के साथ मिलकर दिल्ली के करोल बाग इलाके की एक दुकान से मोबाइल फोन खरीदा था, इसके बाद उन्होंने यह फोन कुमारस्वामी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया था। सिंह ने बताया, ‘‘प्रज्वल प्रसाद के निर्देश पर, विनोद शर्मा और रितेश पांडे ने करोल बाग की एक दुकान से एक मोबाइल फोन खरीदा। बाद में उन्होंने यह फोन दिल्ली में कुमारस्वामी के सरकारी आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया।’’
सिद्धरमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाले दो वीडियो कथित तौर पर सितंबर में यूट्यूब पर अपलोड किए गए थे, जिसके बाद कांग्रेस नेता ने अदालत का रुख कर अनुरोध किया था कि वह वीडियो के आधार पर खबरें प्रकाशित करने से मीडिया को रोके।

उन्होंने इस मामले में जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। मामला सीसीबी थाने में दर्ज किया गया है। कथित स्टिंग ऑपरेशन के अलग-अलग पहलुओं की जांच के लिए पुलिस की कई टीम लगाई गई हैं।

सिंह ने बताया कि पुलिस ने अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद को भी नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, दोनों फरार हैं और उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा, “हमने विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन वे फरार हैं।

दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन भी किया है।”
उन्होंने बताया कि पुलिस को पांडे और प्रज्वल प्रसाद के बीच कुछ वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांचकर्ताओं ने तकनीकी सबूत जुटा लिए हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल विवरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये तीनों व्यक्ति सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के काम से जुड़े थे और जांचकर्ता उनके आपसी संबंधों, उनकी भूमिकाओं और वे कितने समय से जुड़े हुए थे सहित विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी को कोई नोटिस जारी किया गया है या कथित स्टिंग ऑपरेशन में उनकी सीधी भूमिका सामने आई है, सिंह ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस समय कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हमने सिर्फ रितेश पांडे को गिरफ्तार किया है। उसने बताया है कि वह मोबाइल फोन लेकर आया था और उसने प्रज्वल प्रसाद के कहने पर इसे सौंप दिया।

इस स्तर पर हम पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते।’’
सिंह ने दोहराया कि पांडे के बयान के अनुसार, जब फोन पहुंचाया गया, तब प्रसाद कुमारस्वामी के आवास पर मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘बाकी दोनों का पता चलने और उनसे पूछताछ होने के बाद हमें और जानकारी मिल जाएगी।’’
बेंगलुरु शहर की पुलिस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि सिद्धरमैया से जुड़े एक वायरल स्टिंग वीडियो में दिखाए गए यौन शोषण के आरोप, एक मनगढ़ंत और जानबूझकर रची गई कहानी का हिस्सा थे। राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच आगे बढ़ रही है और इसमें तकनीकी सबूत तथा कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। खरगे के कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, कलबुर्गी में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘साक्ष्यों की तकनीकी जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे यह आगे बढ़ेगी, और भी विवरण सामने आएंगे।

जो कोई भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।’’
जांच में कुछ लोगों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए, मंत्री ने कहा कि कुमारस्वामी और उनके करीबी सहयोगियों के साथ काम करने वाले कुछ लोग जांचकर्ताओं के सामने पेश नहीं हुए हैं। खरगे ने सवाल किया, ‘‘उन्हें (कुमारस्वामी) उनसे जांच में सहयोग करने के लिए कहना चाहिए था। वे ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?’’
प्रियंक ने कुमारस्वामी पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी)अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सिद्धरमैया के खिलाफ ‘गंदी राजनीति’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है। मंत्री ने कहा, ‘‘यह तो महज बानगी है, पूरी फिल्म आनी अभी बाकी है।’’
प्रियंक खरगे ने कहा कि आगे की कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी सबूतों और अन्य सामग्रियों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी के सहयोगियों और समर्थकों सहित जो भी लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

खरगे ने उन लोगों को चुनौती दी जो यह आरोप लगा रहे हैं कि जांच के पीछे उनका हाथ था, और उनसे कहा कि वे अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत पेश करें।

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