केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाने के कर्नाटक सरकार के फैसले की शुक्रवार को आलोचना की और इसे असंवैधानिक व देश का अपमान करार दिया। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने आदेश दिया है कि राज्य में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरे गाए जाएं। छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पहुंचने के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगी है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और दुनिया में बढ़ते सम्मान को पचा नहीं पा रहा है। चौहान ने कर्नाटक सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और कांग्रेस पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘संसद ने विधेयक पारित किया और इसे कानून बनाया।
क्या कांग्रेस संविधान से ऊपर है? क्या वह संसद से ऊपर है? यह फैसला असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अनुचित है।’’
चौहान ने कर्नाटक सरकार के फैसले को ‘‘भारत माता’’ का अपमान बताते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने उन क्रांतिकारियों को प्रेरित किया था, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण गाने की सराहना कराते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसे कदम पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘इसके लिए जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर उठाए गए सवालों के बारे में पूछे जाने पर चौहान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग अक्सर भारत की उपलब्धियों पर सवाल उठाता है और ‘‘देश का अपमान करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत खास मौका है, जब दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले देशों के नेता नयी दिल्ली में भारत की पवित्र धरती पर एकत्र हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तैयारियां शानदार हैं और पूरी दुनिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देख रही है।’’
चौहान ने कहा, ‘‘लेकिन जब भी देश का सम्मान और कद बढ़ता है, तो कांग्रेस और चिदंबरम जी बेचैन हो जाते हैं।
कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग ऐसा है, जो भारत की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाता रहता है और देश का अपमान करता है।’’
उन्होंने कांग्रेस नेताओं सैम पित्रोदा और मणिशंकर अय्यर पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार ऐसे बयान दिए, जिनसे देश की बदनामी हुई। चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते वे देश का विरोध करने लगे हैं। वे भारत की प्रगति और विकास से कभी खुश नहीं हो सकते।’’
उन्होंने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने राज्य को ‘‘बर्बाद’’ कर दिया और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घर बनाने के लिए केंद्र द्वारा भेजी गई राशि रोक दी।
चौहान ने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा गरीबों के घरों के लिए भेजा गया पैसा भी रोक दिया गया था। घर नहीं बन पाए। तब भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ (मेरा आवास, मेरा अधिकार) आंदोलन शुरू किया।
हमारे कार्यकर्ताओं को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और जेल जाना पड़ा, लेकिन हमारा संकल्प था कि हर गरीब व्यक्ति के पास घर हो।’’
चौहान ने कहा कि वह शुक्रवार को बाद में सक्ती जिले में प्रस्तावित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को 3.65 लाख से अधिक घरों के लिए मंजूरी पत्र सौंपेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों के लिए 17 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है। हमारा संकल्प हर गरीब व्यक्ति को पक्का घर बनाने के लिए धन उपलब्ध कराना है।
राज्य में हर दिन लगभग 1,600 नए घर बनाए जा रहे हैं।’’
चौहान ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के तहत केंद्र का हिस्सा 3,300 करोड़ रुपये से अधिक है और राज्य के योगदान को मिलाकर छत्तीसगढ़ में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों के कल्याण के लिए केंद्र ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।’’
चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने संकल्प लिया था कि राज्य 31 मार्च तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। अब यह मुक्त हो चुका है।
बस्तर में अब बारूदी सुरंगों का डर नहीं है और वहां विकास की नयी गंगा बह रही है।

