चंडीगढ़-पंचकूला रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस हादसे में GRP ने लोको पायलट और गॉर्ड को जांच में शामिल किया है। जीआरपी थाना टीम ने दोनों ही लोगों के हादसे को लेकर बयान दर्ज किए हैं। दाेनों ने अपने बयान में खुद की गलती स्वीकार नहीं की है। चंडीगढ़ जीआरपी थाना को दिए बयान में गार्ड ने बताया कि उसे सिग्नल मिला तो उसने लोको पायलेट को गाड़ी चलाने का सिग्नल दिया था। स्टेशन स्टाफ की ओर से क्लियरेंस का सिग्नल मिला था। वहीं लोको पायलेट ने अपने बयान में बताया कि गार्ड के इशारे पर गाड़ी को उसने आगे बढ़ाया था। हादसे को लेकर उसकी गलती नहीं है। हादसे के बाद हत्या के प्रयास में दर्ज एफआईआर की धाराओं में भी जीआरपी ने अभी संशोधन नहीं किया है। समय से पहले चलाने का आरोप
लोको पायलट ने डिपार्चर टाइम (चलने का समय) से पहले ट्रेन चला दी। जिससे ट्रेन में चढ़ रही कई सवारियां नीचे गिर गई। एक यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में फंस गया। आसपास खड़े लोगों ने उसे खींचकर बाहर निकाला। अब इस घटना से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें यात्री अचानक ट्रेन चलने से नीचे गिर गया। वहीं, मामले में GRP ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो देखकर मामले की जांच की जा रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… 2 पॉइंट में पढ़िए ट्रेन में सवार यात्री क्या बोले…


