ग्वालियर में आज श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी शनि जयंती:वट सावित्री व्रत और अमावस्या का विशेष संयोग; दान-पुण्य और पूजा का रहेगा विशेष महत्व

ग्वालियर में आज श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी शनि जयंती:वट सावित्री व्रत और अमावस्या का विशेष संयोग; दान-पुण्य और पूजा का रहेगा विशेष महत्व

ग्वालियर में न्याय और कर्मफल के देवता भगवान शनिदेव की जयंती शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस बार शनि जयंती के साथ अमावस्या और वट सावित्री व्रत का दुर्लभ संयोग बनने से धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। शहर के प्रमुख शनि मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिरों की विशेष सजावट, रंग-रोगन और साफ-सफाई का काम पूरा किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन होगा। ज्योतिषाचार्य रोहित उपाध्याय ने बताया कि वैदिक ज्योतिष में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मों के अनुसार फल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि की चाल बदलने पर कई राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव शुरू या समाप्त होता है। जिन लोगों पर शनि का प्रभाव रहता है, उन्हें जीवन में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि शनि जयंती के दिन शनि मंदिर में जाकर शनि चालीसा और शनि रक्षा स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में राहत मिल सकती है। कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को शनिदेव की आंखों में देखने के बजाय उनके चरणों के दर्शन करने चाहिए। इस दिन जरूरतमंदों को काले तिल, सरसों का तेल, कंबल और दक्षिणा दान करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे करियर, व्यापार और जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। महिलाओं का रहेगा निर्जला व्रत वहीं सौभाग्य और पति की लंबी आयु की कामना के लिए महिलाएं वट सावित्री व्रत रखेंगी। महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर देवी सावित्री और यमराज का स्मरण करेंगी। ज्योतिषाचार्य रोहित उपाध्याय के अनुसार, यह व्रत बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि इसे निर्जला रखा जाता है। व्रत रखने वाली महिलाएं दिनभर अन्न और जल का त्याग करती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन पति-पत्नी को आपसी विवाद से बचना चाहिए और एक-दूसरे के प्रति सकारात्मक भाव रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

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