लखनऊ में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने गुरुवार को NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (BBAU) के गेट नंबर-1 के सामने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग की। SFI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि NTA राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने में लगातार विफल रही है। संगठन ने कहा कि 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘NTA भंग करो’ और ‘छात्र विरोधी नीतियां बंद करो’ जैसे नारे लगाए। पेपर लीक होना यह पहली घटना नहीं है SFI बीबीएयू इकाई के सचिव सपन ने बताया कि NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक होना यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं। सपन ने इन बार-बार होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। संयुक्त सचिव मंजेश ने आरोप लगाया कि 2021 और 2024 में भी NEET परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए थे, और UGC NET परीक्षा भी विवादों में रही। उन्होंने कहा कि सरकार NTA को बचाने का प्रयास कर रही है और एजेंसी में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा है। मंजेश ने जांच के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET परीक्षा दी SFI के सचिव मंडल सदस्य अंकित ने बताया कि इस वर्ष 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET परीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की कड़ी मेहनत और मानसिक दबाव के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं। अंकित ने जोर दिया कि लगातार हो रहे पेपर लीक छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं।


