बंगाल से तमिलनाडु और केरलम तक नई सरकारों ने सत्ता संभालते ही प्रशासनिक और सियासी, दोनों स्तरों पर खुद को अलग दिखाने की कोशिश शुरू कर दी है। तमिलनाडु के सीएम विजय ने शुरुआती 12 दिन में अपने काफिले के लिए ट्रैफिक न रोकने का आदेश दिया है। महिला सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन फोर्स’ शुरू की है। सरकार ने हर थाने में 24 घंटे सीसीटीवी चालू रखने का निर्देश दिया है। शिकायत दर्ज कराने की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। इसके साथ ही 21 साल से कम उम्र वालों को शराब बेचने पर सख्त कार्रवाई होगी। केरलम में यूडीएफ की वीडी सतीशन सरकार ने सचिवालय व मंत्रियों के आवासों तक आम लोगों की पहुंच आसान कर दी। मंत्रियों को ऑफिस और घर दोनों जगह लोगों से मिलना होगा। वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के मुखिया शुभेंदु अधिकारी ने भी पुलिस को निर्देश दिया है कि उनके काफिले के लिए आम वाहनों को न रोका जाए। शुभेंदु ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तमिलनाडु: मुख्यमंत्री के लिए ट्रैफिक नहीं रुकता केरलम: सीएम के साथ सिर्फ दो वाहन बंगाल: विधानसभा कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट होगा बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने वीआईपी मूवमेंट व सरकारी कामकाज से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने काफिले को छोटा रखने और अनावश्यक एस्कॉर्ट कम करने को कहा है। मंत्रियों और अधिकारियों को फील्ड विजिट के दौरान सड़कें खाली कराने या लोगों को रोकने से बचने की सलाह दी गई है। विधानसभा कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट होगा। एक जून से महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। मदरसों सहित सभी शिक्षण संस्थानों में वंदेमातरम् अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… शुभेंदु बोले- अवैध बांग्लादेशियों को सीधे BSF को सौंपेंगे, कोर्ट में पेशी नहीं होगी पश्चिम बंगाल सरकार अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को कोर्ट की बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपेगी। यह जानकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दी। नया नियम 20 मई से लागू हो गया है। शुभेंदु ने कहा कि इस बारे में पुलिस कमिश्नर और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु CM विजय के काफिले के लिए अलग लेन:केरलम में आशा वर्करों की सैलरी 3 हजार बढ़ाई; नई सरकार वाले 3 राज्यों में बदलाव


