रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अपने सर्वकालिक निचले भाव से 41 पैसे चढ़कर 96.45 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ वार्ता के अंतिम चरण में पहुंचने के संकेत देने के बाद निवेशकों की धारणाओं को थोड़ा बल मिला है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि निवेशक अब भी पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने या कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका के मद्देनजर भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर सतर्क हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.25 पर खुला। फिर शुरुआती कारोबार में 96.45 प्रति डॉलर तक पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 41 पैसे अधिक है।
रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 96.86 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 96.95 प्रति डॉलर तक भी टूट गया था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.18 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 327.74 अंक चढ़कर 75,646.13 अंक पर जबकि निफ्टी 111.75 अंक की बढ़त के साथ 23,772.05 अंक पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105.77 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान के खिलाफ जारी युद्ध की आगे की रणनीति को लेकर फोन पर बातचीत हुई। अमेरिका दोबारा सैन्य हमले करने के बजाय समझौते के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्होंने कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित अरब देशों के अनुरोध पर ईरान पर हमलों को टाल दिया है।


