Free Coaching: अनुप्रति योजना में चयनित अभ्यर्थियों को मिला नया अवसर, 10 जून तक करें जॉइनिंग

Free Coaching: अनुप्रति योजना में चयनित अभ्यर्थियों को मिला नया अवसर, 10 जून तक करें जॉइनिंग

Mukhyamantri Anuprati Coaching Yojana: जयपुर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए द्वितीय चरण की मेरिट सूची जारी कर दी है। इस सूची में चयनित अभ्यर्थी 10 जून 2026 तक अपने आवंटित कोचिंग संस्थानों में जाकर जॉइनिंग दे सकते हैं। विभाग ने यह सूची उन रिक्त सीटों को भरने के लिए जारी की है, जो प्रथम चरण में चयनित विद्यार्थियों द्वारा समय पर जॉइनिंग नहीं करने के कारण खाली रह गई थीं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रोफेशनल कोर्स की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत विभाग द्वारा सूचीबद्ध प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग दी जाती है, ताकि वे प्रतियोगी माहौल में बेहतर तैयारी कर सकें।

उन्होंने बताया कि विभाग को प्राप्त आवेदन पत्रों की जिलाधिकारियों द्वारा गहन जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। जिन विद्यार्थियों के आवेदन अप्रूव्ड थे लेकिन प्रथम चरण में उन्हें कोई कोचिंग संस्थान आवंटित नहीं हुआ था, उन्हें अब द्वितीय चरण की मेरिट सूची में शामिल किया गया है।

विभाग के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित हो रही है जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण महंगी कोचिंग नहीं कर पाते। योजना के माध्यम से अभ्यर्थियों को विभिन्न सरकारी नौकरियों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीए और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।

मंत्री ने बताया कि अभ्यर्थी अपनी SSO ID लॉगिन कर आवंटित कोचिंग संस्थान और सेंटर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही विभागीय वेबसाइट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग राजस्थान पर भी द्वितीय चरण की मेरिट सूची उपलब्ध कराई गई है।

विभाग ने चयनित विद्यार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा यानी 10 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं, ताकि सीटें रिक्त न रहें और योजना का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

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