भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नियामकीय नियमों का पालन करने में कई चूक के लिए सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इन चूक में शेयरों को गिरवी रखने का अनुरोध खारिज किए जाने पर उसके कारण की जानकारी दोनों संबंधित पक्षों के डिपॉजिटरी प्रतिभागियों (डीपी) को नहीं देना और आपात स्थिति में कामकाज जारी रखने की तैयारियों की जांच के दौरान खामियां शामिल हैं। सेबी ने सीडीएसएल को 45 दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया है।
ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। सेबी ने अपने 102 पन्नों के आदेश में कहा कि कंपनी के कामकाज के निरीक्षण के दौरान वित्त वर्ष 2023-24 में नियमों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए। इनमें शेयर को गिरवी रखने का अनुरोध खारिज किए जाने का कारण गिरवी रखने वाले और गिरवी लेने वाले, दोनों पक्षों के डिपॉजिटरी प्रतिभागियों को नहीं बताना, ग्राहकों की ऐसी प्रतिभूतियों के खातों के संचालन से जुड़ी तय प्रक्रिया का पालन नहीं करना शामिल है, जिनका भुगतान अभी पूरा नहीं हुआ है।
इसके अलावा, आंकड़ों को बिना अनुमति बाहर भेजे जाने से रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए और आपदा या किसी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में कामकाज बहाल करने की तैयारियों की जांच में भी कमियां पाई गईं। नियामक ने यह भी पाया कि सीडीएसएल ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी पहचानी गई कमजोरियों को सेबी की ओर से तय समयसीमा के भीतर दूर नहीं किया। इसके अलावा, कंपनी की साइबर सुरक्षा जांच भी पूरी नहीं थी, क्योंकि इसमें सभी डोमेन और बाहरी अनुप्रयोगों को शामिल नहीं किया गया था।

