School Holiday: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। ऐसे हालात में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कानपुर और मेरठ के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। कानपुर जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 मई तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि भीषण गर्मी और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।
44 डिग्री पहुंचा तापमान
बुधवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 31 डिग्री रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आईं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। इसके साथ ही लू चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है।
वाराणसी और आगरा स्कूल बंद
वाराणसी और आगरा में भीषण गर्मी और लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल 25 मई तक बंद रहेंगे। प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।

बच्चों की सेहत को लेकर चिंता
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्रों को तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।अभिभावकों की ओर से लगातार स्कूलों में छुट्टी की मांग की जा रही थी। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल बंद करने का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और गर्मी से किसी भी प्रकार का खतरा नहीं लिया जा सकता।
डॉक्टरों ने जारी की एडवाइजरी
डॉक्टरों ने लोगों को गर्मी और लू से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक खतरनाक होती है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय बाहर निकलने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टरों की सलाह
- दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें
- लगातार पानी पीते रहें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बाहर निकलते समय सिर ढक कर रखें
- ORS, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
भीषण गर्मी का असर अस्पतालों में भी दिखाई देने लगा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया, उल्टी, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने से हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जा रही है।

दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा
कानपुर और मेरठ में गर्मी का असर इस कदर है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दे रही है। दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और सड़क किनारे काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। तेज धूप के कारण कई लोग दोपहर में काम रोकने को मजबूर हैं।
बिजली और पानी की बढ़ी मांग
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। लगातार एसी, कूलर और पंखे चलने से बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है। कुछ इलाकों में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। इसके अलावा पानी की बढ़ती खपत के कारण कई क्षेत्रों में जल संकट की आशंका भी बढ़ रही है।
बाजारों में ठंडी चीजों की मांग बढ़ी
गर्मी बढ़ने के साथ बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों और फलों की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। गन्ने का रस,बेल का शरबत,आम पना,तरबूज,खरबूजा,नींबू पानी की दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। इसके अलावा टोपी, छाता और सूती कपड़ों की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है।

मौसम विभाग का अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चलने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं हैं। तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की अपील की है।
लू से बचने के जरूरी उपाय
- बार-बार पानी पिएं
- खाली पेट घर से बाहर न जाएं
- धूप में छाता या गमछा रखें
- बच्चों को धूप में खेलने से रोकें
- ज्यादा देर तक धूप में न रहें
भीषण गर्मी और लू के इस दौर में प्रशासन, डॉक्टर और मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।


