इस समय सरिस्का टाइगर रिजर्व की ‘जान’ दो बाघिन बनी हुई हैं। यह पर्यटकों का जंगल में मनोरंजन ही नहीं करती, बल्कि उन्हें फैमिलियर होने का एहसास भी कराती हैं। क्योंकि यह जिप्सियों के काफी करीब से परिवार के साथ गुजरती हैं। इन दोनों बाघिन का संबंध एक ही टाइगर एसटी-18 से माना जाता है। इन्हीं के यह सात शावक माने जा रहे हैं। इनकी टेरेटरी में यही बाघ समय बिताता है।
टहला रेंज में शावकों की सक्रियता बढ़ी
सरिस्का टाइगर रिजर्व की बाघिन एसटी-30 ने अप्रेल, 2025 के अंत में पहली बार तीन शावकों को जन्म दिया था। ये शावक लगभग दो माह की उम्र के साथ पहली बार देखे गए थे। इस बाघिन की टेरेटरी टहला रेंज के बघानी क्षेत्र में है, जहां उसे शावकों के साथ सक्रिय देखा जा रहा है। यह वर्ष 2023 से रणथंभौर सेंचुरी से लाई गई थी। उसके बाद इसका विचरण कई एरिया में बढ़ा। इसका संबंध एसटी-18 के साथ अधिक रहा। अब यह आए दिन अपने शावकों के साथ अठखेलियां करती नजर आती है। पर्यटकों को सर्वाधिक साइटिंग होती है। इनकी अठखेलियों को देखकर पर्यटक रोमांचित भी होते हैं।
यहां निवास करती है एसटी-19
इसी तरह एसटी-19 ने दो बार मां बनी है। पहली बार वर्ष 2023 में दो शावकों को जन्म दिया और उसके बाद जून, 2025 में चार शावक जन्में। इसकी टेरेटरी बफर रेंज बरेली बाड़ी में है। इसके चार शावक आए दिन पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इनकी साइटिंग से सरिस्का का खजाना भी भर रहा है। वर्तमान में इनके शावक तालाबों के आसपास नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरे बाघ-बाघिन गर्मी के कारण कम दिखाई दे रहे हैं। इनके एरिया में भी बाघ एसटी 18 का आना-जाना रहता है। सरिस्का के रिटायर्ड सहायक वन संरक्षक विनोद शर्मा ने बताया कि यह दोनों बाघिन सरिस्का में पूरी तरह सक्रिय हैं। पर्यटकों को हर दिन नजर आती हैं।
सरिस्का की ‘जान’ दो बाघिन, इनकी अठखेलियां पर्यटकों को लुभा रही


