राजगढ़ में बुधवार को डिप्टी कलेक्टर निधि भारद्वाज के सरकारी आवास से चंदन का पेड़ चोरी होने का मामला सामने आया। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को जिला वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) वैणी प्रसाद के सरकारी बंगले परिसर से भी अज्ञात बदमाश चंदन का पेड़ काटकर ले गए थे। इसके अलावा न्यायालय परिसर में जिला विधिक प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी के आवास से भी चंदन चोरी की वारदात सामने आई थी। दोनों मामलों में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। सरकारी अफसरों के बंगले से चोरी के बाद उठे सवाल
अब जल संसाधन विभाग के ईई जेके ठाकुर के सरकारी आवास से भी चंदन चोरी होने की जानकारी सामने आई है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली टीआई मंजू मखेनिया ने बताया कि डीएफओ बंगले और जिला विधिक प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी के आवास से चंदन चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं एसडीएम आवास से चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। काटे गए चंदन पेड़ की कीमत करीब 30 हजार रुपए
सूत्रों के मुताबिक चोरी हुए प्रत्येक चंदन के पेड़ की कीमत करीब 30 हजार रुपए बताई जा रही है। बाजार में चंदन की लकड़ी की ऊंची कीमत होने के कारण तस्करों और चोरों की नजर लंबे समय से इस पर रहती है। ऐसे में सरकारी परिसरों से पेड़ों की चोरी होना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। लगातार हो रही इन वारदातों के बाद शहर में चर्चा है कि जब अफसरों के सरकारी आवास ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों के घरों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन चंदन चोरी की इन घटनाओं ने पूरे शहर में चिंता बढ़ा दी है। देखें तस्वीरें


