SAIL VRS Scheme 2026: ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर वीआरएस, सेल ने जारी किए नियम, जानें किसे मिलेगा लाभ

SAIL VRS Scheme 2026: ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर वीआरएस, सेल ने जारी किए नियम, जानें किसे मिलेगा लाभ

SAIL VRS Scheme 2026: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने नियमित कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) लागू की है। योजना के तहत 50 वर्ष या उससे अधिक आयु तथा कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कार्यकारी और गैर-कार्यकारी कर्मचारी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन केवल कंपनी के नामित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और किसी भी स्तर पर हार्ड कॉपी मान्य नहीं होगी।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आवेदन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे। पोर्टल पर आवेदन जमा होते ही प्रत्येक कर्मचारी को यूनिक आवेदन आईडी जारी होगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे होने पर आवेदन प्रक्रिया तय समय से पहले भी बंद की जा सकती है।

SAIL VRS Scheme 2026: पात्रता के लिए तय की गई शर्तें

योजना का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने सेल में कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी की हो और जिनकी आयु 50 वर्ष या उससे अधिक हो। पात्रता और लाभ की गणना पिछले चार वर्षों की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग के आधार पर की जाएगी। हालांकि 2026-27 में प्राप्त आवेदनों के लिए 2025-26 की ग्रेडिंग को शामिल नहीं किया जाएगा।

इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ

सेल-बीएसपी प्रबंधन के अनुसार अध्ययन अवकाश या प्रशिक्षण के कारण बांड अवधि में सेवा दे रहे कर्मचारी, सैबेटिकल अवकाश पर कर्मचारी, लियन पर कार्यरत कर्मचारी व दंड अवधि में सेवा कर रहे कर्मचारी अपात्र होंगे। अनुबंध, अस्थायी और आकस्मिक कर्मचारी भी योजना से बाहर रखे गए हैं।

पीएफ, ग्रेच्युटी व मेडिकल सुविधा भी

योजना के तहत कर्मचारियों को भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश नकदीकरण और अर्ध-वेतन अवकाश के भुगतान का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अधिवर्षित कर्मचारियों की तरह स्वयं और जीवनसाथी के लिए चिकित्सा सुविधा, मेडिक्लेम योजना, पेंशन योजना और यात्रा भत्ता का लाभ भी जारी रहेगा। कंपनी आवास रखने की पात्रता भी संबंधित प्लांट और यूनिट की नीति के अनुसार दी जाएगी। कर्मचारियों को सेवा प्रमाण पत्र और पारंपरिक डिनर सेट भी उपलब्ध कराया जाएगा।

अंतिम फैसला सेल प्रबंधन का

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन देना भर पर्याप्त नहीं होगा। आवेदन स्वीकार या अस्वीकार करने का अंतिम अधिकार सेल प्रबंधन के पास रहेगा। सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद आवेदन वापस नहीं लिया जा सकेगा। वीआर लेने वाले कर्मचारियों को कंपनी से लिए गए ऋण और अग्रिम राशि ब्याज सहित चुकानी होगी, जिसे मुआवजे या अवकाश नकदीकरण से समायोजित किया जा सकेगा।

गुजरात फॉर्मूला से तय होगा मुआवजा

वीआरएस के तहत मुआवजे की गणना ‘गुजरात फॉर्मूला’ के आधार पर होगी। इसमें पूर्ण की गई सेवा के प्रत्येक वर्ष पर 35 दिन का वेतन तथा शेष सेवा अवधि के लिए 25 दिन के वेतन का प्रावधान रखा गया है। कुल भुगतान की अधिकतम सीमा अधिवर्षिता तक मिलने वाले वेतन के 75 प्रतिशत तक होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वीआरएस मुआवजे की गणना में केवल मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल होगा। अन्य भत्तों को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।

दोबारा नौकरी नहीं कर सकेंगे

सेल प्रबंधन ने साफ किया है कि वीआरएस लेने वाला कर्मचारी कंपनी के किसी भी प्लांट, यूनिट, सहायक कंपनी या संयुक्त उपक्रम में दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। अन्य केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में नौकरी करने की स्थिति में उसे वीआरएस के तहत मिली राशि वापस करनी होगी। हालांकि 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद संविदा आधार पर सलाहकार नियुक्ति पर रोक नहीं रहेगी।

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