पूर्णिया में नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। इसमें शहर के विकास, जलजमाव, साफ-सफाई और वेंडिंग जोन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मेयर विभा कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्षदों ने कई योजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताई, वहीं नगर आयुक्त ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। बैठक में शहर को महानगर बनाने की दिशा में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता, नगर आयुक्त कुमार मंगलम, उप नगर आयुक्त विजय प्रताप सिंह, सिटी मैनेजर पवन कुमार पवन समेत सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में लिए गए फैसलों की समीक्षा से हुई। मेयर विभा कुमारी ने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि शहरवासियों को बेहतर सुविधा देना निगम की प्राथमिकता है।
वेंडिंग जोन निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया वार्ड पार्षद अंजनी साह ने खुश्कीबाग वेंडिंग जोन निर्माण में 2 वर्षों से हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों फुटपाथ दुकानदारों की रोजी-रोटी इस योजना से जुड़ी है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। अन्य वार्डों में भी नए वेंडिंग जोन बनाने की मांग की। इसके साथ ही खुश्कीबाग हाट स्थित किसान शेड की जर्जर हालत पर चिंता जताई गई। पार्षदों ने आधुनिक किसान शेड बनाने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही है। इस पर नगर आयुक्त कुमार मंगलम ने बताया कि खुश्कीबाग क्षेत्र में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत नाला निर्माण भी प्रस्तावित है। जमीन की नापी में देरी होने से वेंडिंग जोन का काम रुका हुआ था, लेकिन अब नापी पूरी हो चुकी है और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मधुबनी, भट्ठा बाजार और रजनी चौक में भी वेंडिंग जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले संवेदक का इकरारनामा रद्द हो बारिश के बाद होने वाले जलजमाव का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया रहा। पार्षदों ने बुडको की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्टूबर 2023 में 5 बड़े नालों का टेंडर हुआ था और फरवरी 2024 में एजेंसी को काम भी सौंप दिया गया, लेकिन आज तक जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया। पार्षदों ने मांग की कि काम में लापरवाही बरतने वाले संवेदक का इकरारनामा रद्द कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू हो।
मिट्टी की जांच की मांग वार्ड पार्षद राजीव रंजन उर्फ बबलू सहाय ने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण के दौरान निकाली जा रही मिट्टी की जांच की मांग की। नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। बैठक में अतिक्रमण हटाने के दौरान होने वाली परेशानियों पर भी चर्चा हुई। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि पार्षद खुद अतिक्रमण हटाने की कोशिश न करें। वे केवल सूची उपलब्ध कराएं, जिसके बाद प्रशासनिक सहयोग से एसडीओ के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।
होर्डिंग्स का पंजीकरण कराया जाए नगर निगम क्षेत्र में लगे अवैध होर्डिंग्स को लेकर भी बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के भीतर सभी होर्डिंग्स का पंजीकरण कराया जाए। तय समय के बाद बिना अनुमति लगे होर्डिंग्स को हटाया जाएगा। इसके अलावा साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। निगम की आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
निविदा बार-बार रद्द होने पर नाराजगी पार्षदों ने विकास योजनाओं की निविदा बार-बार रद्द होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और बरसात में सड़कों व गलियों में गड्ढों के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। महापौर विभा कुमारी ने कहा कि पूर्णिया तेजी से महानगर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास और आवास मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात कर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम निर्माण में हो रही देरी, जलजमाव की समस्या और शेष 33 नालों की प्रशासनिक स्वीकृति का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्वीकृत पांच बड़े नाले समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बैठक में 15 लाख रुपए से कम की योजनाओं के विभागीय क्रियान्वयन बंद होने का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने कहा कि इससे छोटे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रस्ताव रखे नगर आयुक्त ने बताया कि फिलहाल एक लाख रुपए तक की योजनाएं विभागीय स्तर पर कराई जा सकती हैं। हालांकि पार्षदों ने इसे अपर्याप्त बताया। वार्ड पार्षद भोला कुशवाहा ने सभी वार्डों में कम से कम पांच छोटी योजनाएं देने की मांग रखी। बैठक में शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए। वार्ड संख्या 2 स्थित भगवती स्थान, वार्ड 17 के गुड्डू पोखर, मधुबनी पोखर, वार्ड 7 के पोखर और वार्ड 39 के कुएं के सौंदर्यीकरण की मांग की गई। पार्षदों ने कहा कि संबंधित भूमि स्वामियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा। वार्ड पार्षद स्वपन घोष ने नगर निगम क्षेत्र में स्वागत द्वार निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि एनएचआई से एनओसी मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नगर निगम क्षेत्र के बड़े बाजारों में मल्टीप्लेक्स निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ नगर निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी। पूर्णिया में नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। इसमें शहर के विकास, जलजमाव, साफ-सफाई और वेंडिंग जोन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मेयर विभा कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्षदों ने कई योजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताई, वहीं नगर आयुक्त ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। बैठक में शहर को महानगर बनाने की दिशा में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता, नगर आयुक्त कुमार मंगलम, उप नगर आयुक्त विजय प्रताप सिंह, सिटी मैनेजर पवन कुमार पवन समेत सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में लिए गए फैसलों की समीक्षा से हुई। मेयर विभा कुमारी ने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि शहरवासियों को बेहतर सुविधा देना निगम की प्राथमिकता है।
वेंडिंग जोन निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया वार्ड पार्षद अंजनी साह ने खुश्कीबाग वेंडिंग जोन निर्माण में 2 वर्षों से हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों फुटपाथ दुकानदारों की रोजी-रोटी इस योजना से जुड़ी है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। अन्य वार्डों में भी नए वेंडिंग जोन बनाने की मांग की। इसके साथ ही खुश्कीबाग हाट स्थित किसान शेड की जर्जर हालत पर चिंता जताई गई। पार्षदों ने आधुनिक किसान शेड बनाने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही है। इस पर नगर आयुक्त कुमार मंगलम ने बताया कि खुश्कीबाग क्षेत्र में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत नाला निर्माण भी प्रस्तावित है। जमीन की नापी में देरी होने से वेंडिंग जोन का काम रुका हुआ था, लेकिन अब नापी पूरी हो चुकी है और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मधुबनी, भट्ठा बाजार और रजनी चौक में भी वेंडिंग जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले संवेदक का इकरारनामा रद्द हो बारिश के बाद होने वाले जलजमाव का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया रहा। पार्षदों ने बुडको की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्टूबर 2023 में 5 बड़े नालों का टेंडर हुआ था और फरवरी 2024 में एजेंसी को काम भी सौंप दिया गया, लेकिन आज तक जमीन पर काम शुरू नहीं हो पाया। पार्षदों ने मांग की कि काम में लापरवाही बरतने वाले संवेदक का इकरारनामा रद्द कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू हो।
मिट्टी की जांच की मांग वार्ड पार्षद राजीव रंजन उर्फ बबलू सहाय ने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण के दौरान निकाली जा रही मिट्टी की जांच की मांग की। नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। बैठक में अतिक्रमण हटाने के दौरान होने वाली परेशानियों पर भी चर्चा हुई। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि पार्षद खुद अतिक्रमण हटाने की कोशिश न करें। वे केवल सूची उपलब्ध कराएं, जिसके बाद प्रशासनिक सहयोग से एसडीओ के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।
होर्डिंग्स का पंजीकरण कराया जाए नगर निगम क्षेत्र में लगे अवैध होर्डिंग्स को लेकर भी बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के भीतर सभी होर्डिंग्स का पंजीकरण कराया जाए। तय समय के बाद बिना अनुमति लगे होर्डिंग्स को हटाया जाएगा। इसके अलावा साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। निगम की आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
निविदा बार-बार रद्द होने पर नाराजगी पार्षदों ने विकास योजनाओं की निविदा बार-बार रद्द होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और बरसात में सड़कों व गलियों में गड्ढों के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। महापौर विभा कुमारी ने कहा कि पूर्णिया तेजी से महानगर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास और आवास मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात कर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम निर्माण में हो रही देरी, जलजमाव की समस्या और शेष 33 नालों की प्रशासनिक स्वीकृति का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्वीकृत पांच बड़े नाले समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं हैं। बैठक में 15 लाख रुपए से कम की योजनाओं के विभागीय क्रियान्वयन बंद होने का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने कहा कि इससे छोटे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रस्ताव रखे नगर आयुक्त ने बताया कि फिलहाल एक लाख रुपए तक की योजनाएं विभागीय स्तर पर कराई जा सकती हैं। हालांकि पार्षदों ने इसे अपर्याप्त बताया। वार्ड पार्षद भोला कुशवाहा ने सभी वार्डों में कम से कम पांच छोटी योजनाएं देने की मांग रखी। बैठक में शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए। वार्ड संख्या 2 स्थित भगवती स्थान, वार्ड 17 के गुड्डू पोखर, मधुबनी पोखर, वार्ड 7 के पोखर और वार्ड 39 के कुएं के सौंदर्यीकरण की मांग की गई। पार्षदों ने कहा कि संबंधित भूमि स्वामियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा। वार्ड पार्षद स्वपन घोष ने नगर निगम क्षेत्र में स्वागत द्वार निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि एनएचआई से एनओसी मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि नगर निगम क्षेत्र के बड़े बाजारों में मल्टीप्लेक्स निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ नगर निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी।


