Russia-Ukraine War: ब्लैक सी में रूस-यूक्रेन के ड्रोन हमलों से बचने के लिए जहाजों ने निकाला नया उपाय, क्या काम आएगी यह तरकीब?

Russia-Ukraine War: ब्लैक सी में रूस-यूक्रेन के ड्रोन हमलों से बचने के लिए जहाजों ने निकाला नया उपाय, क्या काम आएगी यह तरकीब?

Russia Ukraine drone attacks: रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते ब्लैक सी में आए दिन जहाजों पर ड्रोन हमले होते हैं। हाल ही में रूसी झंडे वाला मालवाहक जहाज ओम्स्की-107 ड्रोन हमले के बाद पूरी तरह से जल गया था।

अब ड्रोन हमलों से बचने के लिए जहाजों ने नया सुरक्षा उपाय निकाला है। रूस और यूक्रेनी ड्रोन हमलों से तेल और अनाज ले जाने वाले टैंकर व कार्गो जहाज अब बोस्फोरस स्ट्रेट से गुजरते वक्त जाल, पानी के टैंक और टायर लटकाकर अपनी सुरक्षा करने लगे हैं।

जहाजों पर जुगाड़ सुरक्षा

कुछ ही दिनों पहले सिएरा लियोन झंडे वाले क्रूड ऑयल टैंकर कारुजो ने अपने पिछले हिस्से पर पानी भरे टैंक लटकाए हुए पार किया। रूसी झंडे वाले खिजोप्राज पर भी टायर लटके दिखे। ब्रिस्क और इंटीग्रेटर जैसे टैंकरों ने सुपरस्ट्रक्चर पर नेटिंग यानी ‘कोप केज’ लगा रखी थी। ये जाल छोटे ड्रोनों को रोकने के लिए लगाए जा रहे हैं।

बड़े अटैक से बचना मुश्किल

इस बीच, समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कोरी रैंसलम ने कहा कि पानी भरे कंटेनर और जाल कुछ छोटे ड्रोनों के खिलाफ काम कर सकते हैं। लेकिन बड़े सैन्य ड्रोन या रिमोट कंट्रोल वाले तेज नौसैनिक ड्रोनों के सामने ये उपाय अक्सर बेअसर साबित होते हैं। कुल मिलाकर बड़े विस्फोटक वाले ड्रोनों से बचाव मुश्किल है।

अनाज निर्यात पर खतरा

जुलाई से यूक्रेन ने रूसी तेल और अनाज निर्यात से जुड़े जहाजों व बंदरगाहों पर हमले तेज कर दिए। इसके जवाब में रूस ने ओडेसा, चोर्नोमोर्स्क और पिवडेनी जैसे यूक्रेनी अनाज केंद्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ा दिए।

इस हमले में लिबेरिया झंडे वाले ग्रेट ओशन जैसे कई जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में कोस्ट गार्ड की निगरानी में बोस्फोरस पहुंचे। तुर्की के व्यापारिक जहाज भी निशाने पर आए।

तुर्की ने यूक्रेन के राजदूत को किया था तलब

इस बीच, तुआप्से के पास दो जहाजों पर हमले के बाद तुर्की ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया। राष्ट्रपति रेसेप ताय्यिप एर्दोगन ने कहा कि इन हमलों से अफ्रीका समेत दुनिया में फिर अनाज की कमी का खतरा पैदा हो गया है।

विदेश मंत्री हाकन फिदान ने बताया कि अनाज की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने का प्लान दोनों पक्षों से चर्चा में है। लेकिन रूस ने साफ कहा कि ब्लैक सी अनाज समझौता फिर शुरू करने का कोई आधार नहीं दिखता।

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